सुरेश पुत्र रामकुमार ने बताया कि मंजू की सास माया, ससुर सुभाष, ननद पूनम और अंजू भतीजी को दहेज के लिए परेशान करते थे। दहेज लाने की मांग करके पिटाई करते थे। मंजू उनके व्यवहार व मार पिटाई से तंग आ चुकी थी। इसी के चलते उसने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली। मंजू ने अपनी छह माह की बेटी सानवी को भी जहर पिला दिया था, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
सुरेश ने बताया कि मंजू की शादी के बाद से ही उसके ससुर, सास और ननदें उसे परेशान करती थीं। जिसको लेकर कई बार उन्हें समझाया गया लेकिन वे नहीं माने। सुरेश ने बताया कि मंजू ने कीटनाशक पीने के बाद फोन पर मायके वालों को बताया कि वह अपनी सास, ससुर व ननद से परेशान होकर जहर पी लिया है। फोन के बाद मायके पक्ष के लोग हरनामपुरा पहुंचे तो मां व बेटी दोनों की मौत हो चुकी थी।
सुरेश ने बताया कि इस मामले में मंजू के पति का व्यवहार सही था। उसने बताया कि मरने से पहले मंजू ने यह सब फोन पर बताया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कर दोनों शवों को मायके वालों को सौंप दिया, जिनका बाद में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जांच अधिकारी सर्बजीत सिंह ने बताया कि मृतका के चाचा सुरेश के बयान पर सास माया, ससुर सुभाष, ननद पूनम और अंजू के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।