हरनाम ने बताया कि 17 मार्च को रात करीब साढ़े दस बजे वह और उनका परिवार सोने की तैयारी कर रहा था। तभी आरोपी लड़का करीब 14 लोगों के साथ उनके घर के बाहर पहुंचा। उनके पास पिस्तौल और तेजधार हथियार थे। उन्होंने घर के बाहर से ही उन पर फायरिंग कर दी। इसके बाद वे धमकियां देते हुए फरार हो गए।
हरनाम ने बताया कि उनके जाने के बाद जब उन्होंने निकल कर देखा तो उसकी माता खून से लथपथ बरामदे में पड़ी थी। उसकी गर्दन में गोली लगी थी। वहीं, उसके पिता के माथे में, चाची की बाजू में और दादा की टांग में गोली लगने से वे जख्मी हो गए थे। सभी को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी माता को मृत घोषित कर दिया गया। बाकी तीनों को सिविल अस्पताल बटाला से अमृतसर रेफर कर दिया गया।
हरनाम ने बताया कि आरोपियों ने इसके बाद उसके चाचा के लड़के के घर जाकर भी फायर किए, जो उसकी घर में खड़ी गाड़ी पर लगे। एसएचओ बलकार सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी छात्र और उसके तीन परिजनों के अलावा लगभग 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।