शहर से करीब छह किलोमीटर दूर माजरा महताब गांव के एक मकान के बाथरूम में लगे छत्ते से मधुमक्खियों को भगाने के लिए जलाई गई आग में युवती खुद ही जिंदा जल गई।
जिस वक्त यह घटना हुई, युवती घर में अकेली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कालका सरकारी अस्पताल के शव गृह में रख दिया है।
24 वर्षीय पूनम अपने घर के बाथरूम से मधुमक्खियों को उड़ाने के लिए एक लकड़ी में मिट्टी तेल से सना कपड़ा बांधकर आग लगाई थी। यहीं मिट्टी तेल का कंटेनर भी पड़ा था।
इसी बीच बाथरूम में उसका पैर फिसल गया और मिट्टी तेल पूनम के ऊपर गिर गया। इससे पूनम आग की चपेट में आकर बुरी तरह जल गई। चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे कालका सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे गंभीर हालत में पीजीआई रेफर किया गया।
पीजीआई में भी डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखकर जवाब दे दिया। वहां से कालका अस्पताल लाते समय पूनम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
पूनम अपने घर में मां कमला और अपने दो भाइयों शंटी व शम्मी के साथ रहती थी। कमला और शम्मी चितकारा युनिवर्सिटी में कार्यरत हैं और शंटी बद्दी की एक निजी कंपनी में काम करता है।