एक विवाहिता ने हवलदार पर रेप करने का आरोप लगाया है। आरोपी हवलदार पीड़िता का रिश्ते में मामा ससुर लगता है। मामला पंजाब के फतेहगढ़ साहिब का है।
आरोपी राजपुरा के एक पुलिस थाना में हवलदार है। पीड़िता का यह भी कहना है कि हवलदार है, इसलिए उसकी सुनवाई नहीं हो रही। सोमवार को पीड़िता ने अपनी मां के साथ इंसाफ को लेकर एसएसपी के ऑफिस के आगे धरने पर बैठ गई। इस संबंध में उसने एक शिकायत एसएसपी अलका मीना को सौंपी।
जिसमें कहा गया है कि अगर उसे इंसाफ न मिला तो वह आत्महत्या के लिए मजबूर होगी। मामला दो महीने पुराना है। लेकिन सुनवाई न होने के कारण सोमवार को पीड़िता अपनी मां के साथ एसएसपी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गई।
जहां एसएसपी को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि इंसाफ के लिए दो महीनों से वह थानों के चक्कर काट रही है। उससे रेप करने वाला शख्स उसका रिश्ते में मामा ससुर लगता है। जो राजपुरा थाने में हवलदार है। सबूत के तौर पर पीड़िता ने एसएसपी को उसके फटे कपड़े भी दिखाए हैं।
शिकायत दी तो पति ने मायके में छोड़ा
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 11 अप्रैल 2012 को हुई थी। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। वह अपने ससुराल परिवार में ही अलग रहती है। 21 अप्रैल 2018 को उसका मामा ससुर जो पंजाब पुलिस में बतौर हवलदार राजपुरा में तैनात है। उनके घर रात को ठहरा।
जब वह अपने मामा ससुर को रोटी देने गई तो उसने उसे पकड़ लिया और रात को रेप किया। उसने इस बारे में अपनी सास को बताया तो उसका पति उसे मायके छोड़ आया। उसी दिन वह संबंधित इलाके के थाने में गई लेकिन दो महीने बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई और अब उसने एसएसपी दफ्तर के बाहर मां समेत धरने पर बैठ गई।
आरोपी ने कहा-मैं उस दिन ड्यूटी पर था
वहीं पीड़िता के पति ने सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे बताए। उसने कहा कि वह घर से अलग रहने की बात कर सभी से झगड़ा करती थी। इस कारण उसने ये बात बनाई हैं। वहीं मामा ससुर का कहना है कि जिस दिन का हवाला देकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस दिन वह पटियाला काली माता मंदिर में ड्यूटी पर था। उस पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। इस बारे जब एएसपी डा. रवजोत ग्रेवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत मार्क होकर आई है, जिसकी तफ्तीश शुरू कर दी गई है। जल्द ही जांच पूरी कर एसएसपी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।