दुराचार के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध पीड़िता ने रविवार को जहर निगल लिया। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस दौरान पुलिस की लापरवाही के नाराज गांव तितरम वासियों ने थाने के सामने जाम लगा दिया, जिससे हिसार-चंडीगढ़, कैथल-जींद और कैथल-पानीपत मार्ग घंटों बाधित रहे।
पुलिस ने तितरम थाने को घेरने का प्रयास कर रहे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज भी किया जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे कैथल के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
मौके पर पहुंचे डीएसपी गुरमेल सिंह के आश्वासन के बाद भी लोग नहीं माने और तितरम चौक से खदेड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने कैथल-जींद मार्ग पर जाम लगा दिया।
आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही पुलिस
अस्पताल में उपचाराधीन पीड़िता ने कहा कि वह परिजनों के साथ बीते दस दिन से न्याय के लिए भटक रही है। उसकी सुनवाई नहीं हो रही और उलटे पुलिस कर्मचारी उसे ही धमका रहे हैं।
महिला ने आरोप लगाया कि थाने में तैनात पुलिस अधिकारी आरोपियों के दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। एसएचओ सहित एक महिला पुलिस अधिकारी को बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हो रही। न्याय न मिलता देख उसने जहर खा लिया।
ये है मामला
गत 13 मई को कैथल के गांव की एक विवाहिता ने अपने पति, पति के ताऊ और अपनी सास पर दहेज उत्पीड़न और पंजाब के चंदु बसारा निवासी करमू और बिल्लू पर झाड़फूंक के नाम पर दुराचार करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर शनिवार को महिला के पति तरसेम को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।