शादी का झांसा देकर युवती से रेप के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने यूटी पुलिस के कांस्टेबल अवतार सिंह को 20 साल की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी कांस्टेबल पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिला अदालत ने अवतार सिंह को 9 दिसंबर को दोषी करार दिया था। अदालत में दर्ज मामले के अनुसार, 30 वर्षीय पीड़िता ने अवतार सिंह पर आरोप लगाया था कि उसने वर्ष 2006 में तीन-चार लोगों के साथ विभिन्न जगहों पर उसका शारीरिक शोषण किया।
उसने आरोप लगाया कि दोषी उसे कई बार अनजानी जगह एक कमरे में ले गया, जिसका दरवाजा बाहर से कुछ लोगों ने बंद कर दिया था। आरोप के मुताबिक, उसके साथ अवतार सिंह ने रेप किया।
युवती का कहना था कि उसे वह जगह याद नहीं है कि दोषी उसे कहां ले गया था। उसने बयान दिया कि वह कांस्टेबल अवतार सिंह से प्यार करती थी। युवती उसके साथ शादी करना चाहती थी।
जानिए क्या थी बचाव पक्ष की दलील
पुलिस
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हालांकि, अवतार सिंह ने वर्ष 2007 में शादी कर ली थी। उसके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर अर्जी भी खारिज हो गई थी। इसके बाद पीड़िता ने जिला अदालत में सीआरपीसी की धारा 156 के तहत निजी शिकायत दायर की थी।
बचाव पक्ष की दलील
बचाव पक्ष की दलील थी कि मामले में न कोई एफआईआर हुई थी और न ही पीड़िता का मेडिकल कराया गया था। घटना का कोई चश्मदीद भी नहीं था। बचाव पक्ष की दलील थी कि पीड़िता ने रजिस्ट्रेशन नंबर देकर शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके साथ वर्ष 2006 में कार में दुष्कर्म किया गया था।
उन्होंने उस कार का आरएलए से पता कराया था, जिससे पता चला कि उस कार की रजिस्ट्रेशन वर्ष 2007 में हुई थी। वर्ष 2006 में ऐसी किसी कार का रजिस्ट्रेशन अस्तित्व में नहीं था।