चंडीगढ़ के पास जीरकपुर एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति के आत्महत्या से सदमे में आई नवविवाहिता ने भी फांसी लगा ली। युवक का शव लेने के लिए परिजन चंडीगढ़ रवाना हो गए हैं। पुलिस ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में विवाहिता का शव पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्राम जयनगर नंबर पांच निवासी किसान पृथपाल सिंह का सबसे छोटा पुत्र मनिंदर सिंह (27) जीरकपुर क्षेत्र स्थित बीटा साफ्ट सिस्टम कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर था। वह जीरकपुर में ही किराए पर रहता था। उसकी शादी एक महीने पहले बीते 12 फरवरी को नीलोखेड़ी जिला करनाल हरियाणा निवासी सूरत सिंह की पुत्री मनदीप कौर के साथ बड़ी धूमधाम से हुई थी। शादी के दस दिन बाद वह जीरक पुर चला गया था। परिजनों से मनिंदर ने शनिवार को घर आने की बात कही थी। मगर शुक्रवार की आधी रात को मनिंदर के फंदा लगाकर आत्महत्या कर लेने की खबर फोन से मिली तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मकान के ग्राउंड फ्लोर पर सभी मातम मना रहे थे।
इसी बीच मनिंदर की पत्नी अचानक उठकर अपने कमरे में चली गई। जब मनदीप कहीं नजर नहीं आई तो परिजन खोजबीन करते हुए उसके कमरे में पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद मिला। काफी आवाज देने पर जब दरवाजा नहीं खुला तो अनहोनी की आशंका से परिजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। भीतर मनदीप का शव उसकी चुन्नी के फंदे से पंखे पर लटका हुआ था। परिजन मनदीप को उतारकर रुद्रपुर के एक अस्पताल ले गए, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार को एसओ हिमांशु पंत ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों को दी। नायब तहसीलदार प्रहलाद राम की मौजूदगी में पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।
बचपन से ही महत्वाकांक्षी था मनिंदर
सुसाइड
- फोटो : file photo
जयनगर पांच निवासी संपन्न किसान पृथपाल सिंह का सबसे छोटा पुत्र मनिंदर बचपन से ही काफी महत्वाकांक्षी था। परिवार की संपन्नता के बावजूद उसने खुद ही अपने पैरों पर खड़े होने की ठानी थी। परिजनों के मुताबिक 12 तक की पढ़ाई उसने रुद्रपुर के जेपीएस से की। उसके बाद उसने आईटी के क्षेत्र में कैरियर बनाने का निर्णय लिया। उसके लिए उसने बीसीए जयपुर और एमसीए की डिग्री गुड़गांव से हासिल करने के बाद चार साल पहले जीरकपुर में साफ्टवेयर इंजीनियर बनकर कार्य आरंभ किया। मनिंदर का बड़ा भाई अमरदीप भी कंप्यूटर इंजीनियर है और अमेरिका के शिकागो शहर में काम करता है। जबकि मझला भाई सिमरनजीत घर पर खेतीबाड़ी में अपने पिता का हाथ बंटाता है।
बेटे के कदम से परिजन आहत
जवान बेटे और पुत्रवधू की एक साथ हुई मौत के बाद पिता पृथपाल व मां कपूर कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन व गांव के लोग भी घटना से हतप्रभ हैं। मनिंदर के आत्महत्या करने की बात भी किसी के गले नहीं उतर रही। ग्रामीणों का कहना है कि मनिंदर काफी मिलनसार और मृदुभाषी था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। शादी के दस दिन बाद वह खुशी-खुशी घर से जीरकपुर के लिए रवाना हुआ था। उसका बड़ा भाई अमरदीप भी पांच दिन पहले अमेरिका चला गया। परिजन उसका शव लेने चंडीगढ़ रवाना हो गए। पोस्टमार्टम के बाद देर रात को उसका शव घर आने के बाद ही उसके मृत्यु के कारणों के बारे में जानकारी मिल पाएगी।
मनदीप को एक महीने बाद होना था जीरकपुर शिफ्ट
दिनेशपुर। मनिंदर की पत्नी मनदीप उसकी सगी बड़ी भाभी कोमलजीत कौर की सगी बहन है। दो साल पहले दोनों की सगाई और बीते 12 फरवरी को उनकी शादी धूमधाम से हुई थी। मनिंदर शादी में मिले दान दहेज को घर लेके नहीं आया था। परिजनों का कहना है कि मनिंदर ने कहा था कि वह एक माह बाद जीरकपुर में शिफ्ट होगा। तब वह सारा सामान भी वहीं शिफ्ट कर लेगा। उसने 12 मार्च शनिवार को घर आकर पत्नी को ले जाने की बात कही थी।