चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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सिरसा में प्रेमिका को पाने की चाहत में पत्नी व मासूम बच्चों के हत्यारे को कोर्ट ने आखिरी सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई है। बहुचर्चित मामले में सजा के ऐलान को लेकर अदालत के बाहर वकीलों व आम लोगों की काफी भीड़ थी। लंच के बाद हत्यारे विनोद कुमार को अदालत समक्ष पेश किया गया। विनोद ने गिड़गड़ाते हुए न्यायाधीश बिमलेश तंवर से सजा में रहम की भीख मांगी। उसने कहा कि उसे मृत्यु दंड न दिया जाए। उसने कहा कि उसके बुजुर्ग मां-बाप बीमार रहते हैं।
बूढ़ा बाप मुश्किल से मजदूरी करके घर चलाता है। छोटा बेटा आठ साल का है। बुजुर्ग मां-बाप बीमारी के चलते कभी भी मर सकते है। उनके बाद छोटे नाबालिग पुत्र की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचेगा। इसीलिए सजा में थोड़ी नरमी जरूर बरती जाए। हत्यारे विनोद का पक्ष जानने के बाद न्यायाधीश उसे उम्र कैद की सजा सुनाते हुए उसे अंतिम सांस तक जेल में रखने का फैसला सुनाया। अदालत ने हत्यारे को दस हजार रुपये जुर्माना भी किया है। सजा का ऐलान होने के बाद पुलिस विनोद को लोगों की नजर से बचाते हुए दूसरे रास्ते से लेकर गई।
क्या था मामला
अभियोजन के अनुसार गांव नथोर निवासी विनोद कुमार सिरसा स्थित एक निजी विद्यालय की स्कूल बस का चालक था। उसके परिवार में उसकी पत्नी सुमन रानी, बेटी रवीना, बेटा सौरव व मुकेश थे। विनोद का विद्यालय में ही कार्यरत एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था लेकिन पत्नी सुमन रानी इससे अनजान थी। 30 नवंबर 2013 को उसने विनोद का मोबाइल फोन लेकर अपने घरवालों से बात की। इसके बाद वह मोबाइल देखने लगी।
इसी दौरान उसे पति के मोबाइल पर लंबी कॉल रिकॉर्ड हुई मिलीं। उसने रिकार्डिंग सुनी तो उसके पैर तले जमीन खिसक गई। रिकार्डिंग में उसका पति विनोद अपनी प्रेमिका से रोमांटिक बातें करता सुनाई दिया। प्रेम प्रसंग का राज खुलते ही विनोद का सुमन के साथ विवाद हो गया। प्रेमिका के हासिल करने के चक्कर में उसने पत्नी व बच्चों को मारने की योजना बनाई। दो दिसंबर 2013 की शाम विनोद कुमार स्कूल बस लेकर अपने घर पहुंचा। पत्नी सुमन भोजन बना रही थी।
इसी बीच मौका मिलते ही विनोद ने सब्जी में नशीला पदार्थ डाल दिया और खुद घर से बाहर चला गया। सुमन ने बेटी रवीना, बेटा सौरव के साथ बैठकर खाना खा लिया जबकि छोटा बेटा मुकेश मां का दूध पीकर लेट गया। नशीले पदार्थ के प्रभाव से पत्नी व बच्चे बेहोश हो गए। तीन घंटे बाद जब विनोद घर लौटा तो सभी को बेहोश पाया। उसने पत्नी व बच्चों को बड़े कपड़े में बांधकर बस में डाला। इसके बाद वह बस को इंदिरा गांधी नहर के पास ले गया और पत्नी व बच्चों को नहर में फेंककर उनको मौत के घाट उतार दिया।