दिल्ली टू चंडीगढ़ वोल्वो में आराम का सफर कब खतरनाक साबित हो जाए, यह कुछ नहीं कहा जा सकता। इन बसों में सफर करने वाले लोगों के मन में आजकल हर समय डर बना रहता है। शातिर अपराधी और सॉफ्ट टारगेट।
शक्ल से भोले-भाले दिखने वाले जहरखुरानी गिरोह के सदस्य कब आपको अपनी बातों में फंसा लें और क्या खिला दें। इसका भी भरोसा नहीं। हर बार गिरोह का नया मेंबर ही वारदात को अंजाम देने के लिए भेेेजा जाता है। इन वारदात को सुलझाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है तो रोडवेज अधिकारी यात्रियों की सुरक्षा के प्रति बेपरवाह हैं।
यात्री लगातार लुट रहे हैं। हालांकि यूटी पुलिस ने रोडवेज को बसों में सीसीटीवी लगाने व यात्रियों के साथ हो रही इन घटनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए कदम उठाने को पत्र भी लिखा, मगर अभी तक इन घटनाओं को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। अगर जहरखुरानी गिरोह से बचना है तो खुद ही कुछ सावधानियां बरतनी होंगी।
अच्छी अंग्रेजी और पंजाबी बोलते हैं
पुलिस का कहना है कि जितने लोगों के साथ जहरखुरानी की घटनाएं हुईं हैं। उन सभी पीड़ितों ने आरोपियों के अलग-अलग हुलिए बताए हैं। 26 मई को जहरखुरानी गिरोह का शिकार हुए सेक्टर-40 के शिवपाल को कई संदिग्धों की तस्वीरें दिखाई गईं, मगर उनमें से वारदात को अंजाम देने वाला कोई नहीं था। पुलिस के अनुसार ये लोग अच्छी इंग्लिश व पंजाबी बोलते हैं, जिससे किसी को इन पर शक नहीं होता।
नशे की ज्यादा मात्रा से जान भी जा सकती है
पुलिस का कहना है कि जिस प्रकार नोएडा के साफ्टवेयर इंजीनियर को होश में आने में दो दिन लग गए थे। ऐसे में नशे की ओवरडोज से किसी जान भी जा सकती है।
रोडवेज अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने को लिखा
जांच करते सुरक्षा बल
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-17 थाने के एसएचओ उदयपाल ने बताया कि इन घटनाओं के बाद पुलिस विभाग ने बसों में सीसीटीवी कैमरे व एलईडी लगाने के लिए 14 मई को हरियाणा, पंजाब और हिमाचल रोडवेज के निदेशकों को पत्र लिखा था। पुलिस ने बसों में डिस्पले स्क्रीन लगाने का भी सुझाव भेजा है, जिस पर जहरखुरानी गैंग से बचने का मैसेज फ्लैश होता रहे, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बस चालक व परिचालक भी मिले हो सकते हैं
पुलिस का कहना है कि जिस सफाई से आरोपी वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं। ऐेसे में बस चालक और कंडक्टर का साजिश में हाथ होने का संदेह होता है। पुलिस का साफ कहना है कि बस में सवारी की जान व माल की हिफाजत करना बस चालक व परिचालक की जिम्मेदारी बनती है। अगर कभी किसी की जहरखुरानी की वजह से जान जाती है तो बस चालक व परिचालक पर भी केस दर्ज होगा। क्योंकि इतने मामले होने के बाद भी सीसीटीवी कैमरे या कोई सुरक्षा के प्रबंध रोडवेज की तरफ से नहीं किए गए हैं।
घटनाओं से अंजान हरियाणा रोडवेज के अधिकारी
हरियाणा रोडवेज चंडीगढ़ डिपो के जनरल मैनेजर सतीश सिंगला ने तो बसों में इस तरह की घटनाएं जानकारी न होने की बात कही। सिंगला ने बताया कि उनको इस बात की जानकारी ही नहीं है कि यूटी पुलिस ने बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए पत्र भी लिखा है। बाद में उन्होंने कहा कि वह अपने अधिकारियों से इस संबंध मेें बात करेंगे।
यूटी-दिल्ली-हरियाणा पुलिस में नहीं है तालमेल
जहरखुरानी मामलों में यूटी-दिल्ली और हरियाणा पुलिस में आपस में तालमेल का काफी अभाव देखा जा रहा है। यूटी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधी दिल्ली से चढ़कर वारदात को हरियाणा में अंजाम देकर उतर जाते हैं। एफआईआर चंडीगढ़ में दर्ज हो रही है। ऐेसे में दिल्ली व हरियाणा पुलिस यूटी पुलिस के साथ कोई कम्युनिकेशन या मामले की जांच में सहयोग ही नहीं देती। अगर तीनों स्टेट की पुलिस आपस तालमेल से काम करे तो गैंग को पकड़ा जा सकता है।
6 लोगों को बनाया शिकार
सीटीयू बस
- फोटो : file photo
-26 मई को सेक्टर-40 के शिवपाल को गैंग ने शिकार बनाया। उनको कोल्ड ड्रिंक में नशा पिलाकर मोबाइल, नगदी लूटी।
-20 मई को वोल्वो बस में नोएडा के रहने वाले साफ्टवेयर इंजीनियर मुकेश को चाय में नशीली चीज मिलाकर उससे लैपटॉप, हेडफोन, आईफोन-6, पेन ड्राइव, पासपोर्ट, 100 डॉलर, गोल्ड चेन, ब्रेसलेट और सोने की अंगूठी लेकर बदमाश रास्ते में ही कहीं उतर गया।
- 27 दिसंबर 2015 को आरबीआई कर्मचारी किशोर कुमार शर्मा को नशीला पदार्थ खिलाकर उससे 20 हजार रुपये, सोने की अंगूठी व चेन लूट ले गया गैंग का मेंबर।
-पिछले साल 1 मई को दिल्ली निवासी सुखविंदर सिंह को नशीला पदार्थ देकर 30 हजार रुपये, सोने के ब्रेसलेट, लॉकेट और मोबाइल फोन लूट लिया था।
-25 अप्रैल, 2015 को सेक्टर-27 चंडीगढ़ के व्यापारी परमिंदर सिंह को हिमाचल रोडवेज की वोल्वो बस में अज्ञात शख्स ने नशीला जूस पिलाकर आठ हजार रुपये, मोबाइल, सोने व डायमंड के गहने लूट लिए थे।
-23 मार्च, 2015 को दिल्ली आ रहे कॉलेज लेक्चरर अभिनव श्यौराण को नशीली चीज खिलाकर नगदी, दो मोबाइल फोन, सोने का ब्रेसलेट व एटीएम कार्ड लूट लिए थे।
ये बरतें एहतियात
-यात्रा के दौरान किसी भी अंजान व्यक्ति से ज्यादा घुले मिले नहीं।
-किसी की दी हुई कोई चीज न खाएं।
-हो सके तो कीमती सामान लेकर सफर न करें, जैसे कि लैपटॉप, हीरे-सोने के गहने आदि।
-किसी पर शक होने पर तुरंत बस चालक व परिचालक को सूचना दें।