हरियाणा के फतेहाबाद जिले की उपतहसील भूना के गांव भूंदड़ा की सरप्लस 223 कनाल भूमि पात्रों के स्थान पर सिर्फ 20 हजार रुपये में अपात्र किसानों के नाम कर देने के मामले में विजिलेंस टीम ने फतेहाबाद के सेवानिवृत्त एसडीएम सतबीर सिंह जांगू और पटवारी जगदीश चंद्र को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर विजिलेंस को सौंप दिया गया है।
दरअसल, विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि वर्ष 2018 में तत्कालीन एसडीएम सतबीर सिंह जांगू, भूंदड़ा के पटवारी जगदीश चंद्र, कानूनगो, नायब तहसीलदार भूना, नायब तहसीलदार सरप्लस, जसदीप नंबरदार व लाभार्थी मोहन सिंह ने सांठगांठ कर सरप्लस की 11 करोड़ रुपये की 223 कनाल भूमि मात्र 20 हजार में असल हकदारों का हक छीनकर उन लोगों के नाम कर दी, जो पहले से ही जमीन के मालिक हैं।
विजिलेंस जांच में पाया गया कि गांव भूंदड़ा की 223 कनाल 8 मरले भूमि सरप्लस घोषित हुई थी। इस मामले में विजिलेंस ने डीएसपी सुरेंद्र पाल की शिकायत पर पूर्व एसडीएम सहित 11 लोगों के खिलाफ 18 जुलाई 2022 को केस दर्ज किया गया था। फिलहाल सतबीर सिंह जांगू एडीसी पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि पटवारी जगदीश भट्टू क्षेत्र में कार्यरत हैं।
स्टेट विजिलेंस ने डीएसपी सुरेंद्र पाल की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम सतबीर सिंह जांगू, सरप्लस पटवारी जगदीश चंद्र के अलावा भूंदड़ा के किसान व लाभार्थी सविंद्र सिंह, हरमिंद्र सिंह, मोहन सिंह, गुरमेल सिंह, रसुलपुर निवासी नछत्तर सिंह, जगसीर सिंह, मिठू सिंह, दिगोह निवासी प्यारा सिंह व भूना के हरविंद्र सिंह के खिलाफ षड्यंत्र रचकर फर्जी कागजात तैयार कर योग्य व्यक्तियों को दरकिनार कर अयोग्य व्यक्तियों के नाम सरप्लस की जमीन अलॉट करने के आरोप में केस दर्ज किया था।
गांव भूंदड़ा में सरप्लस जमीन में गड़बड़ झाले में तत्कालीन एसडीएम सतबीर जांगू व सरप्लस पटवारी जगदीश चंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। सेवानिवृत्त एसडीएम सतबीर सिंह जांगू को हिसार से गिरफ्तार किया गया है, जबकि पटवारी को भट्टू क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। सेवानिवृत्त एसडीएम इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज थी। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से कई लोग इस गड़बड़ झाले में शामिल हैं, उनको भी गिरफ्तार किया जाना है।
-राकेश मलिक, डीएसपी, विजिलेंस
गांव भूदड़ा में पात्रों की जमीन चहेतों के नाम कर दी
फतेहाबाद के गांव भूंदड़ा में सरप्लस जमीन के मामले में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी की गई। गांव भूंदड़ा के दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों को जमीन देने के स्थान पर अधिकारियों ने अपने चहेतों को जमीन देकर उपकृत कर दिया। लाभार्थियों की जमीन अपात्रों को देने के मामले में तत्कालीन एसडीएम सतबीर सिंह जांगू, पटवारी और कानूनगो सहित 11 लोगों के नाम जांच के दायरे में शामिल है।
गड़बड़ी इस कदर की गई कि भूंदड़ा के अलावा रसूलपुर, दिगोह व भूना के किसानों को भी जमीन अलॉट कर दी। साल 2018 में हुए इस गड़बड़ झाले की जांच विजिलेंस ने इसी साल जुलाई में शुरू की थी। दो महीने की जांच प्रक्रिया के बाद पूर्व एसडीएम सतबीर सिंह जांगू और सरप्लस पटवारी जगदीश चंद्र के रूप में पहली गिरफ्तारी की गई है। अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होनी भी बाकी है।
223 कनाल भूमि घोषित हुई थी सरप्लस
गांव भूंदड़ा में कुल 498 कनाल 14 मरला जमीन थी। इसमें से 223 कनाल जमीन को साल 1981 में हरियाणा सरकार ने सरप्लस घोषित कर दिया था। नियमानुसार सरप्लस जमीन को गांव के ही ऐसे ग्रामीणों को अलॉट किया जाता है, जिनकी दो हेक्टेयर से जमीन कम हो। मगर, इससे ज्यादा जमीन वाले किसानों को भी फर्जीवाड़ा करके यह जमीन अलॉट कर दी गई।
किसको कितनी जमीन हुई अलॉट
पुलिस के अनुसार गांव भूंदड़ा के निवासी सविंद्र सिंह को 19 कनाल 2 मरला, गांव रसूलपुर निवासी नछतर सिंह को 44 कनाल 7 मरला, गांव भूंदड़ा के ही हरविंद्र सिंह को 3 कनाल 2 मरला, गांव भूंदड़ा के मोहन सिंह को 14 कनाल, गांव भूदड़ा के गुरमेल सिंह को 16 कनाल, गांव दिगोह के प्यारा सिंह को 66 कनाल 19 मरला, भूना निवासी हरमिंद्र सिंह को 3 कनाल 16 मरला, गांव रसूलपुर के मिट्ठू सिंह को 39 कनाल 8 मरला और शेष जमीन जगसीर सिंह को अलॉट की गई थी।
उपतहसील परिसर में मची खलबली
इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी होने के बाद भूना उपतहसील कार्यालय में खलबली मच गई है। पूरे दिन उपतहसील परिसर में इसी विषय की चर्चा रही। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी।
इस मामले में और भी गिरफ्तारी होनी है। फिलहाल पूर्व एसडीएम और पटवारी को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। उनसे पूछताछ की जाएगी। इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी आरोपियों के विरुद्ध जांच के साथ ही उनके ऊपर शिकंजा कसा जाएगा।
-राकेश मलिक, डीएसपी, विजिलेंस