ट्रेन आने के समय घोघड़ीपुर फाटक पर कई वाहनों के फंसे रहने और फाटक बंद नहीं होने की वजह से बुधवार को लोगों की सांसें अटक गई। आनन फानन में करनाल रेलवे स्टेशन से करीब छह किलोमीटर दूरी पर स्थित घोघड़ीपुर फाटक पर तैनात कर्मचारी ने मामले की सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी।
इसके बाद एक्सप्रेस गाड़ियों के पहियों को करनाल स्टेशन पर भी ठहरा दिया गया। अगर इस स्थिति में ट्रेन आ जाती तो हिसार की तरह बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि ट्रैक पर ही चार से पांच वाहन फंसे हुए थे।
हादसा टलने के बाद यात्री और रेलवे कर्मचारी भगवान का शुकराना अदा कर रहे हैं। हालांकि, इस दौरान तीन एक्सप्रेस गाड़ियों व मालगाड़ियों के पहिये आधा घंटे तक थमे रहे। हिसार में मानवरहित फाटक पर रेलगाड़ी की चपेट में आने से एक ही कुनबे के 12 लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है।
करनाल स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन
मामले के अनुसार, अंबाला-दिल्ली ट्रैक पर स्थित घोघड़ीपुर फाटक पर ओवरब्रिज का काम चल रहा है। इस कारण फाटक से गुजरने वाले वाहनों के कारण जाम लग जाता है। मंगलवार शाम को साढ़े सात बजे भी यही हुआ।
एक तरफ स्वराज एक्सप्रेस गाड़ी का समय हो गया, वहीं फाटक खुला होने के कारण वाहन एक दूसरी तरफ जाने लगे तो जाम लग गया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि फाटक के बीच में ही चार से पांच वाहन फंस गए और फाटक बंद नहीं हो सका। स्थिति को भांपते हुए आनन फानन में रेलवे कर्मचारी ने करनाल स्टेशन पर जानकारी दी।
जीआरपी व लोकल पुलिस ने स्थिति संभाली और करीब आधे घंटे के बाद वाहनों को वहां से निकाल गया। उधर, स्वराज एक्सप्रेस को करनाल में ही रोक दिया गया। यह गाड़ी करीब 20 मिनट तक यहीं पर ठहरी रही। ध्यान रहे कि अंबाला से दिल्ली की ओर जाने वाली इस गाड़ी का करनाल में कोई स्टॉपेज ही नहीं है।
इसके साथ अंबाला की ओर से ही आने वाली ऊचाहार एक्सप्रेस को करीब 35 मिनट करनाल रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा। इतना ही नहीं दिल्ली की ओर से आने वाली श्रीशक्ति एक्सप्रेस को भी इसी वजह से कुछ देर करनाल में रुकना पड़ा। दूसरी ओर एक मालगाड़ी भी इसी कारण करनाल रेलवे स्टेशन पर ही आधे घंटे तक खड़ी रही। घोघड़ीपुर फाटक से सिग्नल मिलने के बाद ही यातायात सुचारु हो सका।
रेलवे स्टेशन पर किसी ने नहीं दी जानकारी
करनाल स्टेशन पर एक्सप्रेस गाड़ियों के ठहराव के कारण यात्री पूछताछ करते रहे, लेकिन गाड़ी को आखिर क्यों रोका गया है किसी भी रेलवे अधिकारी व कर्मचारी ने इसकी सूचना नहीं दी। लिहाजा यात्रियों के दिलों की धड़कनें 20 मिनट तक ऊपर नीचे रही। यात्रियों द्वारा बार-बार पूछे जाने पर भी किसी ने भी उनको संतोषजनक जवाग नहीं दिया।
दिल्ली की ओर जाने वाले सुमेर ने बताया कि जब गाड़ी करनाल स्टेशन रुकी तो उसे लगा कि शायद किसी गाड़ी की क्रॉसिंग के कारण इसे रोका गया है, लेकिन 5-10 मिनट बाद भी जब गाड़ी नहीं चली और वह इंक्वारी पर पहुंचा तो इंक्वारी वाले ने कोई संतोषजनक जवाब न देकर स्टेशन मास्टर से बातचीत करने को कहा।
जब वह स्टेशन मास्टर से पता करने गया तो स्टेशन मास्टर ने यह कहकर जवाब दिया कि उनके पास अभी बहुत काम हैं। इसी तरह की शिकायत सुनील, प्रमोद, रमेश और महिला अनीता ने की। इस बारे में रेलवे स्टेशन मास्टर संजय दत्त ने बताया कि वजीदा पुल बनने के कारण फाटक पर जाम लग गया, इस कारण गाड़ियों को रोका गया।
राजकुमार संधू, एसएचओ, जीआरपी करनाल ने बताया कि कई बार फाटक पर ट्रैफिक ज्यादा होने के कारण जाम लग जाता है। घोघड़ीपुर फाटक पर जाम के कारण फाटक को बंद नहीं किया जा सका था। इसी वजह से कुछ गाड़ियों को करनाल रोकना पड़ा था।