उपभोक्ता आयोग का फैसला न मानना चंडीगढ़ ओवरसीज के डायरेक्टर हरदयाल सिंह मान को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता आयोेग ने कड़ा रुख अपनाते हुए डायरेक्टर को दो साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
उपभोक्ता आयोग ने हरदयाल सिंह मान के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिए हैं। यह फैसला राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर्ड) जसबीर सिंह ने सुनाया है। उपभोक्ता आयोग ने अगली सुनवाई की तारीख 18 नवंबर तय की है।
गुरदीप सिंह निवासी गांव पट्टी जिला होशियारपुर ने सेक्टर-34 चंडीगढ़ स्थित मेसर्स चंडीगढ़ ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड और इसके डायरेक्टर हरदयाल सिंह मान के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी। उसने कहा था कि उन्होंने मोहाली के फैशन टेक्नोलॉजी पार्क में चंडीगढ़ ओवरसीज के प्रोजेक्ट में 2010 में फ्लैट बुक करवाया था।
अगले वर्ष फ्लैट का पजेशन दिया जाना था। फ्लैट की कुल कीमत 29 लाख 50 हजार थी। शिकायतकर्ता ने 28 लाख रुपये जमा करा दिए थे। बाकी की राशि पजेशन के समय अदा करनी थी, लेकिन उन्हें फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया और न ही पैसे लौटाए।
उपभोक्ता आयोग ने सुनवाई के बाद चंडीगढ़ ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया था कि वह शिकायतकर्ता को 28 लाख रुपये वापस करे, लेकिन दूसरे पक्ष ने फैसला लागू नहीं किया। अब चंडीगढ़ ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड को ब्याज, मुआवजा और मुकदमा खर्च कुल मिलाकर 51 लाख 15 हजार 231 रुपये देने होंगे।