गत रविवार की रात करीब डेढ़ बजे चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर एक एंबुलेस हार्ट के मरीज युवक को लेकर पीजीआई जा रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार होने के कारण एंबुलेंस अनियंत्रित होकर जीरकपुर-चंडीगढ़ बैरियर के नजदीक खड़े एक दूध के टैंकर से टकरा गई। एंबुलेंस की रफ्तार इतनी तेज थी कि एंबुलेंस का आधा हिस्सा पिचक गया और एंबुलेंस का चालक उसमें फंसकर तड़पने लगा।
इतने में हादसे को देखकर मौके पर मौजूद आसपास के होटल और ढाबा संचालक और राहगीर जमा हो गए। सबसे पहले लोगों ने एंबुलेंस में सवार मरीज को बाहर निकाला, जिसमें हार्ट के मरीज युवक और उसके मामा की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि दो महिलाओं को सही सलामत एंबुलेंस से बाहर निकाला गया, इन्हें हल्की चोटें आई हैं।
बताया जा रहा है कि युवक का मामा भी हार्ट का मरीज था। इसी दौरान लोगों ने हादसे की सूचना एंबुलेंस और पुलिस को दी। आधे घंटे में एंबुलेंस और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। तब तक एंबुलेंस का चालक क्षतिग्रस्त गाड़ी में फंसा हुआ तड़पता रहा। इस बीच लोगों ने उसे एंबुलेंस से बाहर निकालने की कोशिश भी की, लेकिन उसका पैर एंबुलेंस में बुरी तरह से फंसा हुआ था। इस कारण उसे एंबुलेंस से बाहर निकालना मुश्किल था। इस कारण चालक को बाहर निकालने में लोगों को करीब दो घंटे का समय लगा।
इस हादसे में घायलों को जीएमसीएच सेक्टर-32 में दाखिल करवाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं एंबुलेंस चालक अमित का पैर टूटने के कारण उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस हादसे में जिना दो लोगों की मौत हुई है वे दोनों रिश्ते में मामा-भांजा हैं। जिनकी पहचान पुंडरी निवासी 22 साल के मुकेश कुमार और कुरूक्षेत्र निवासी 44 साल के पाल सिंह के रूप में हुई है। वहीं, घायल महिलाओं में मृतक मुकेश की मां अंग्रेजो और मृतक पाल सिंह की पत्नी रेखा रानी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि एंबुलेंस सवार मरीज सहित रिश्तेदार रविवार रात कुरुक्षेत्र से पीजीआई में हार्ट के मरीज मुकेश के उपचार के लिए निकले थे, लेकिन जीरकपुर बैरियर के पास सड़क किनारे यह हादसा हो गया। जीरकपुर पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। बता दें कि हाईवे के किनारे खड़े वाहनों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इनके खिलाफ पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।