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दो साध्वियों ने खोला समलैंगिक शादी का राज

Fri, 19 Dec 2014 07:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चरखी दादरी
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किशोरी से समलैंगिक विवाह के मामले में श्रीकृष्ण प्रणामी आश्रम की दो साध्वियों से बंद कमरे में बात हुई। दादरी पहुंची राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन ने बंद कमरे में किशोरी और साध्वियों से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई।
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राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल, जिला महिला एवं बाल संरक्षण समिति की चेयरपर्सन सरोजबाला, बाल संरक्षण अधिकारी रीतु चौधरी व समिति सदस्य सुनीता की टीम ने रेस्ट हाउस में करीब तीन घंटे तक पीड़ित किशोरी और आरोपी दोनों साध्वियों से गहन पूछताछ की।

सायं करीब तीन बजे बंद कमरे में टीम ने पीड़िता पक्ष से इस बारे में पूछताछ की। टीम द्वारा किशोरी व उसकी मां से मामले से संबंधित अनेक सवाल पूछे गए। करीब डेढ़ घंटे तक पीड़िता व उसके परिजनों से पूछताछ हुई। इस दौरान करीब एक घंटे तक दोनों साध्वी रेस्ट हाउस परिसर में बाहर पूछताछ के लिए बुलाने की प्रतीक्षा करती रही।
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सायं करीब साढ़े चार बजे दोनों साध्वियों को जांच टीम ने अंदर कमरे में बुलाया। इस दौरान दोनों साध्वियों से भी पूछताछ की गई। बाद में कुछ देर दोनों पक्षों से एक साथ भी पूछताछ की गई। सायं छह बजे तक दोनों पक्षों से पूछताछ चली।

किशोरी का भी होगा पॉलीग्राफ टेस्ट

पत्रकारों से बातचीत में राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल ने बताया कि पूछताछ के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है कि अगर जरूरत पड़ी तो पीड़िता का भी पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया जाएगा। लेकिन यह साध्वी के पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। कमलेश पांचाल ने यह भी बताया कि पॉलीग्राफ टेस्ट करवाने के लिए पीड़िता ने स्वयं भी सहमति जताई है।

उन्होंने बताया कि यह पॉलीग्राफ टेस्ट पुलिस कप्तान द्वारा कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही संभव हो सकेगा। यह भी नियमों के  दायरे में रहकर की करवाया जाएगा। चेयरपर्सन पांचाल ने बताया कि लड़की पॉलीग्राफ टेस्ट करवाए जाने को लेकर सहमत है।

जांच टीम की अध्यक्ष कमलेश पांचाल ने यह भी स्पष्ट किया कि साध्वी के खिलाफ धारा 377 इसलिए नहीं बनती है कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में किसी प्रकार की कोई इंजरी यानि मेडिकल पुष्टि नहीं दिखाई गई है।
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घटना के समय की आयु होगी आधार

उन्होंने कहा कि पीड़िता के जन्म प्रमाण पत्र को आधार मानते हुए ही उसकी आयु का निर्धारण किया जाएगा क्योंकि सीएमओ द्वारा प्रमाणित जन्म तिथि ही वास्तविक एवं वैध मानी जाती है। इसके लिए परिजनों से सभी आवश्यक प्रमाण पत्र जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के समय लड़की की जो आयु थी उसे ही कार्रवाई में आधार माना जाएगा।

चेयरपर्सन ने कहा कि वे निष्पक्ष जांच चाहते हैं किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। चेयरपर्सन ने बताया कि करीब एक सप्ताह में साध्वियों के पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर ही जांच के लिए अगला कदम उठाया जाएगा। इस अवसर पर महिला पुलिस एसआई सुनीता, शहर पुलिस थाना प्रभारी सुखबीर सिंह भी मौजूद थे।
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