बुधवार रात करीब पौने 11 बजे ढाबे पर खाने का सामान लेने को लेकर दोनों दोस्तों की दो युवकों के साथ कहासुनी हो गई। नौबत मारपीट तक आ गई थी। इसके बाद गुस्से से भरे दोनों आरोपी मौके से चले गए। कुछ देर बाद खाना खाकर अमरीक सिंह व सिमरजीत सिंह बाइक पर बैठकर जाने लग।
ढाबे से कुछ कदमों की दूरी पर मेन रोड पर चढ़ने ही वाले थे कि सामने से आरोपी राइफल लेकर पहुंच गए। आरोपियों ने बाइक को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बाइक पर आगे सिमरजीत सिंह बैठा था। उसके सिर पर एक गोली लगी। वह वहीं ढेर हो गया।
पीछे बैठे हाकी खिलाड़ी अमरीक सिंह के सिर, पेट और गुप्तांग में एक-एक गोली मारी गई। इससे उसकी भी मौके पर मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक कुल सात गोलियां चलाई गईं हैं। गोलियों के खोल भी पुलिस को मौका-ए-वारदात से मिले हैं।
पुलिस के हाथ लगी आरोपियों की तस्वीर
पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले में जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने किसी प्रत्यक्षदर्शी द्वारा अपने मूवी कैमरे में कैद की आरोपियों की तस्वीर हासिल कर ली है। फिलहाल पुलिस ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
पटियाला में बुधवार रात मामूली लड़ाई के बाद हुए कत्लकांड में पंजाब ने जहां अपना एक बेहतरीन हाकी खिलाड़ी खो दिया, वहीं एक मां का इकलौता लाल भी सदा के लिए उससे दूर हो गया। जैसे ही मां ने अपने लाल की खून से लथपथ लाश देखी, तो वह दहाड़े मार कर रोने लगी।
मां बस यही कह रही थी कि पहले तेरा डैडी छड गया, ते हुन तू, ऐस बुढ़ापे विच हुन मैं किस दे सहारे जीवांगी। मजीठिया एनक्लेव के रहने वाले अमरीक सिंह पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की हाकी टीम के कप्तान थे और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी थे।
अमर उजाला से बात करते हुए अमरीक के परिवार वालों ने बताया कि अमरीक ने बड़ी छोटी उम्र में अपने पिता गुरजंट सिंह को खो दिया था। मां ने बड़ी मुश्किल से इकलौते बेटे को पढ़ा-लिखाकर इस मुकाम तक पहुंचाया था। पावरकॉम के सीनियर हाकी कोच रुपिंदर सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स अथारिटी आफ इंडिया की ओर से पटियाला के एनआईएस में स्थापित हॉकी के एक्सीलेंस सेंटर के जाने-माने पूर्व कोच इंद्रजीत सिंह गिल की निगरानी में अमरीक सिंह ने कोचिंग ली थी।
2005 में स्पोर्ट्स कोटे में उसकी पावरकाम में लोअर डिवीजनल क्लर्क (एलडीसी) के पद पर कांट्रैक्ट बेस पर नौकरी लगी थी। बाद में वह रेगुलर हो गया था। जानकारी के मुताबिक अमरीक का करीब पौने तीन साल का एक लडक़ा है। पत्नी अमनदीप कौर मालेरकोटला में बीडीपीओ के पद पर तैनात है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही अमरीक की अपर डिवीजनल क्लर्क के ओहदे पर प्रमोशन होने वाली थी। फिलहाल वह पटियाला में गुरु नानक फाउंडेशन स्कूल के पास कैंट सबडिवीजन में एलडीसी तैनात था। दिसंबर 2019 में कोलकाता में आयोजित आल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड हाकी टूर्नामेंट में पावरकॉम की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया था।
पावरकॉम की इस जीत में अमरीक का बड़ा रोल था। वहीं इसी महीने की 5 से 9 फरवरी तक बडोदरा (गुजरात) में हुईं मास्टर गेम्स में पंजाब की तरफ से खेलते हुए अमरीक सिंह व उसकी टीम ने हाकी टूर्नांमेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया था। पंजाब को अपने इस अनमोल रतन पर मान था। अमरीक 15 सालों से हाकी खेल रहा था।