पंजाब और आसपास के इलाकों के रसूखदार और कारोबारियों को रंगदारी के लिए धमकी भरे फोन करने वाले और टारगेट किलिंग की योजना बना रहे लॉरेंस बिश्नोई के दो गुर्गां को स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने हथियारों समेत काबू किया है। आरोपियों की पहचान तरलोचन सिंह उर्फ राहुल चीमा निवासी सेक्टर 26 चंडीगढ़ और हरीश उर्फ हैरी उर्फ बाबा गांव बुपानिया जिला झज्जर हरियाणा के तौर पर हुई है।
एआईजी अश्वनी कपूर ने बताया आरोपियों को टारगेट किलिंग की योजना बनाते समेत पकड़ा गया है। उनसे .32 बोर की पिस्तौल सहित दो कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपियों पर एसएसओसी के थाने में असलहा एक्ट समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर हथियारों का करते थे प्रदर्शन
पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध होना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रोफाइल बना रखी थी। जहां वे नौजवानों को लुभाने के लिए हथियारों और गोला-बारूद का प्रदर्शन करते थे और नौजवानों को गिरोह में काम करने के लिए उकसाते थे।
युवाओं को मोटी रकम का लालच देकर गैंग से जोड़ते थे
पुलिस जांच में यह पता चला कि लॉरेंस गैंग से युवाओं को जोड़ने में भी दोनों आरोपी अहम भूमिका निभाते थे। आरोपी भोले-भाले नौजवानों को गिरोह का हिस्सा बनने के बदले अच्छी रकम देने का वादा करके हाई प्रोफाइल जीवन शैली देने की पेशकश करते थे। इसके बाद कई लोग इनसे जुड़ जाते थे। एसएसओसी ने दोनों को मोहाली अदालत में पेश करने के बाद तीन दिनों का रिमांड हासिल किया है।