जिला अदालत में शुक्रवार दोपहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई। जब विभिन्न जेलों से पेशी पर ला गए अमरप्रीत सिंह सेठी हत्याकांड के आरोपियों और एक अन्य केस के आरोपी तथा उसके समर्थकों के बीच गाली-गलौच से शुरू हुई बहस हाथापाई तक पहुंच गई।
इस दौरान जमकर लात-घूसे चले। करीब सात से दस मिनट तक ड्रॉमा चला। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को शांत किया। कुछ समय के लिए अदालत के गेट को भी बंद कर दिया।
जानकारों की मानें तो दोनों ग्रुप में शामिल लोग पीयू के छात्र हैं। साथ ही पीयू की छात्र राजनीतिक की पार्टियों से संबंधित हैं। इनमें इससे पहले भी कई बार विवाद हो चुका है।
सवा बारह बजे के करीब अमरप्रीत सिंह सेठी हत्याकांड के आरोपी पेशी के बाद जेल की गाड़ी की तरफ जा रहे थे। दूसरी तरह एक अन्य अदालत से पेशी भुगत कर लारेंस बिश्नोई को लेकर पुलिस आ रही थी।
कोर्ट परिसर में हाथापाई से दहशत
लारेंस के साथ उसके अन्य साथी भी थे। इसी बीच दोनों ग्रुप एक दूसरे के सामने आए। वकील हत्याकांड में शामिल रजत शर्मा, सुनील भनोट उर्फ व छोटी एवं सनबीर ने पहले लारेंस को ललकारा।
लारेंस के साथ चल रहे अमनदीप सिंह मुल्तानी को गालियां देना शुरू कर दी। जिसका अमनदीप सिंह ने विरोध किया। लेकिन रजत शर्मा फिर भी नहीं रुका और दोनों ग्रुपों में हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान पेशी में आए अन्य लोग भी दहशत में आ गए।
इसके बाद पुलिस ने तुरंत स्थिति को काबू में करने की कवायद शुरू की। पहले वकील हत्याकांड के आरोपियों को कस्टडी वैन में बैठाकर भेजा।
साथ ही दूसरे ग्रुप के लोगों को शांत किया। अमनदीप सिंह ने इस मामले में रजत शर्मा एवं उसके साथियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है।
काफी पुराना है दोनों गुटों में विवाद
जब दोनों गुटों में भिड़त हुई। उस दौरान रजत शर्मा ने पहले गालियां निकालीं। बाद में सोपू जिंदाबाद के नारे भी लगाए। सूत्रों के मुताबिक रजत शर्मा स्टूडेंट लीडर रहा है। वह सोपू से संबंधित है। जबकि लारेंस बिश्नोई ग्रुप भी पहले सोपू से ही संबंधित था। इसी बीच दोनों में मतभेद हो गए थे। इसके बाद दोनों के रास्ते अलग हुए थे।
वकील हत्याकांड के शिकायकर्ता मनजीत सिंह सेठी ने बताया कि शुक्रवार को उनके बेटे गगनजोत सिंह सेठी की कोर्ट में क्रॉस होनी थी। ऐसे में केस की सुनवाई को प्रभावित करने के लिए सारी गेम की गई थी। उन्होंने बताया कि मामले में एक आरोपी का भाई जो कि वांटेड है। वह भी अदालत में पहुंचा था। उन्होंने कहा कि पुलिस के सुरक्षा प्रबंधों के कारण घटना होने से टल गई।
इससे पहले अदालत के बाहर हुई थी खूनी भिड़त
मई 2012 में जिला अदालत के बाहर 31 वर्षीय सौदागर सिंह निवासी लांडरां पर कुल्हाड़ी से एक अन्य गुटों के लोगों ने कातिलाना हमला किया था। हमले में उसकी मौत हो गई थी। मृतक कबड्डी खिलाड़ी था।