ट्राइसिटी, पंजाब और हरियाणा के करीब चार सौ लोगों से इन्वेस्टमेंट के नाम पर करीब 15 करोड़ की धोखा करने वाली कंपनी दो दिन बाद ही दुकानदारी बंद कर भागने वाली थी।
पुलिस की जांच में पता चला कि फर्जी इन्वेस्टमेंट कंपनी संचालक श्रीकांत आचर ने सेक्टर-9 से बोरिया-बिस्तर बांधने की तैयारी कर ली थी। कुछ दिनों तक अंडरग्राउंड रहने के बाद वह नया दफ्तर मोहाली में खोलने की तैयारी में था।
पुलिस के मुताबिक, श्रीकांत से हुई पूछताछ में पता चला कि कंपनी में उसके तीन अन्य साथी भी हैं, जो डायरेक्टर और मैनेजर का पद संभालते रहे हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
साथ ही उस रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है, जिसमें इन्वेस्टर के नाम हैं। इन इन्वेस्टर से संपर्क होने के बाद उन्हें भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि, अभी तक कोई शिकायतकर्ता पुलिस के पास नहीं पहुंचा है।
शोरूम पर जड़ा ताला
सेक्टर-9 के जिस शोरूम में कंपनी चल रही थी, पुलिस ने वहां ताला जड़ दिया है। आसपास के लोगों को भी नहीं पता था कि दफ्तर के अंदर क्या काम होता था। उनका यही कहना था कि यहां लोगों का आना-जाना जरूर लगा रहता था।
आईटी एक्ट भी जोड़ सकती है पुलिस
पुलिस इस मामले में आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ सकती है। क्योंकि कंपनी ने वेबसाइट भी बना रखी थी और यह पता लगाया जा रहा है कि लोगों ने वेबसाइट का किस स्तर तक इस्तेमाल किया है।