आईजी ने बताया कि हरविंदर सिंह ने दो साल मलयेशिया में भी काम किया है। इस दौरान वह राष्ट्र विरोधी तत्वों के संपर्क में आया। वहां से आने के बाद भी हरविंदर सिंह व्हाट्सएप के जरिये इन लोगों के संपर्क में रहा। विदेश से मनी ट्रांसफर के जरिये पैसे भेजे जाते थे। आरोपियों को हर वारदात के लिए 10 से 15 हजार रुपये मिलते थे।
पहले से तय जगह पर रखे होते थे पोस्टर
एसएसपी ने बताया कि पोस्टर पहले से तय किसी जगह पर रख दिए जाते थे। इसके बाद इन्हें वहां से आरोपी उठा लेते थे। आरोपियों ने पटियाला के श्री काली माता मंदिर, अंबाला के कंटोनमेंट एरिया, आर्यन कॉलेज राजपुरा और पटियाला में बहादुरगढ़ के शीतला माता मंदिर के नजदीक एक ट्रैफिक साइन बोर्ड पर खालिस्तानी पोस्टर लगाने के अलावा राजपुरा के अंडरब्रिज पर स्प्रे पेंट का इस्तेमाल करके खालिस्तानी स्लोगन लिखे थे। दोनों आरोपी लगातार विदेश में बैठे राष्ट्र विरोधी तत्वों के संपर्क में थे, जिनके इशारे पर आरोपियों ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डीसी ऑफिस मोहाली के अलावा चंडीगढ़, कसौली व सोलन में सरकारी इमारतों पर खालिस्तान का पोस्टर लगाने वाले थे।