उसमें किशमिशन के पैकेट भरे जाते है, जिनको एक किलो का बनाया जाता है तो 16 पैकेट कार्टून में रखे जाते है। पैकेट को आधा किलो का बनाया जाता है तो 32 पैकेट कार्टून में भरे जाते है। किशमिश रखने के लिए गत्ते का कार्टून पहले ही हेरोइन तस्करी के लिए तैयार किया जाता है।
कार्टून के दोनों साइड में डबल गत्ता लगाया जाता है, जैसे कार्टून सामान्य तौर पर तैयार करने के बाद एक गत्ता अंदर भी लगाया जाता है और उसमें बीच में जगह रखी जाती है।
यह सबकुछ कार्टून बनाते हुए ही किया जाता है और उन दोनों गत्तों के बीच में हेरोइन रखी जाती है। उसके बाद ही मशीन से पूरा गत्ता फिट किया जाता है। कार्टून में हेरोइन छुपाने के बाद ही किशमिश रखी जाती है। इस तरह से किशमिश का कार्टून पहले ही तस्करी के लिए बनाया जाता है।
कुंडली में जब कार्टून खोले गए तो उनमें हेरोइन नहीं मिली, लेकिन पहले से पकड़े गए आरोपियों के बताने पर कार्टून के गत्ते को अंदर की तरफ से किनारों से काटा गया तो उसमें से हेरोइन के पैकेट निकाले गए। इस तरह से बड़ी चालाकी के साथ हेरोइन की तस्करी ड्राईफ्रूट के सहारे हो रही है।