बरवाला-अंबाला मार्ग पर सोमवार सुबह विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक ने सामने से बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार सवार दो छात्रों और एक छात्रा की मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगा दी। फायर ब्रिगेड गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। हंगामे की सूचना पर पुलिस के आला अफसर भी मौके पर पहुंच गए।
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जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 7 बजे गांव बलटाना निवासी गुरविंद्र सिंह (19) और दविंद्र सिंह (22) पुत्र कुलदीप सिंह अपने चाचा की बेटी जितेंद्र कौर (20) पुत्री हरभजन सिंह बरवाला की ओर आ रहे थे। जैसे ही तीनों गांव टोडा बस स्टॉप व पीर बाबा की दरगाह के बीच रास्ते पहुंचे तो बरवाला से अंबाला की ओर जा रहे ट्रक ने विपरीत दिशा में सामने से टक्कर मार दी।
ट्रक की टक्कर से छात्रा जितेंद्र कौर, छात्र गुरविंद्र और दविंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने हादसे की सूचना स्टूडेंट्स के परिजनों को दी। साथ ही घायलों को नागरिक अस्पताल अंबाला भेजा। वहां डॉक्टरों ने गुरविंद्र व दविंद्र को मृत घोषित कर दिया। जबकि छात्रा जितेंद्र कौर को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। उपचार के दौरान पीजीआई में उसकी भी मौत हो गई। तीनों चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज लांडरा, झंझेड़ी (पंजाब) में पढ़ते थे। हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रक छोड़ मौके से भाग गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद छात्रा करीब 10 फुट नीचे खेतों में जा गिरी थी। हादसे के काफी देर बाद रायपुररानी और पंजोखरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इससे गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगा दी।
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सूचना पर फायर ब्रिगेड गाड़ियाें ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। ट्रक में ऑटो पार्ट्स का सामान लदा था। रायपुररानी पुलिस ने छात्रा के पिता हरभजन सिंह के बयान पर ट्रक संख्या एचपी 12ए9754 के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, इलाके के सरपंचों ने चेतावनी दी है यदि पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के भारी वाहनों को नहीं रोका तो वह विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए पुलिस विभाग जिम्मेदार होगा। उधर, हादसे के बाद पुलिस ने घटना स्थल के पास नाका लगाकर हिमाचल प्रदेश के भारी वाहनों को आने से रोक दिया है।
पांच घंटे बंद रही आवाजाही
हादसे की जानकारी होते नजदीकी गांवों के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन व लोक निर्माण विभाग शहजादपुर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक पुलिस विभाग व लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारी घटनास्थल पर नहीं आते, तब तक ट्रक को हटाने नहीं देंगे। इस कारण करीब पांच घंटे आवाजाही पूरी तरह बंद रही। ग्रामीण दिलबाग सिंह, दीप चंद, जसबीर सिंह, निर्मल सिंह, अशोक कुमार, विकास सैनी, नरेन्द्र और दिलबाग सिंह ने बताया कि पंजाब का टैक्स व टोल टैक्स दप्पर से बचने के लिए हिमाचल प्रदेश के ट्रक रात-दिन इस सड़क से गुजरते हैं। लोगों ने मांग की इन्हें बंद किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने जो सड़क बनाई है उसके दोनों और न फुटपाथ की जगह छोड़ी गई और न ही सड़क के दोनों ओर पूरी तरह से मिट्टी भरी गई है। हंगामे की सूचना पर एसपी, अंबाला अभिषेक जोरवाल, एसीपी, नारायणगढ़ राजबीर सिंह, बीडीपीओ बरवाला विशाल पराशर, नायब तहसीलदार बरवाला रूपिंद्र सिंह, एसएचओ रायपुररानी वृषभान, एसएचओ पंजोखरा गुरदर्शन सिंह, मौली चौकी इंचार्ज राजिन्द्र सिंह ने ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण लोक निर्माण के एसडीओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। आखिर में पुलिस ने एसडीओ नवीन खत्री को मौके पर बुलाया। जब एसडीओ ने ग्रामीणों को लिखित में सड़क को ठीक करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह शांत हुए।
तीनों थे टापर
जानकारी के अनुसार, तीनों स्टूडेंट्स पंजाब शिक्षा बोर्ड के टॉपर थे। वह इस समय चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज लांडरा, झंझेड़ी में पढ़ाई कर रहे थे।
मौत से परिवार में छाया मातम
मृतक छात्रों के पिता कुलदीप सिंह व छात्रा के पिता हरभजन सिंह का परिवार कुछ साल पहले ही गांव बहलोलपुर (पंजाब) से आकर गांव बलटाना में बसे थे। यह खेतीबाड़ी का काम करते हैं।