अपने जन्मदिन की पार्टी के चार दिन बाद अपने ही घर में मौत का जो मंजर 12 साल के प्रथम ने देखा, उसकी शायद उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। आंखों के सामने पहले मां का कत्ल, फिर छोटे भाई और खुद पर चाकू के वार सहन किए।
17 अगस्त को प्रथम का जन्मदिन था और घर पर छोटी सी पार्टी हुई थी। इसमें प्रथम के दोस्त और रिश्तेदार शरीक हुए। उस दिन वह सभी को अपने पास पाकर काफी खुश था, लेकिन आज इस हृदय विदारक घटना के बाद वह चुप सा है। उसकी आंखों को अब भी माता-पिता और भाई के आने का इंतजार है।
चार दिन पहले धूमधाम से मनाया था जन्मदिन
पंचकूला सेक्टर-9 में रहने वाले व्यापारी विनोद मित्तल के घर की दीवारों पर बड़े बेटे प्रथम के चार दिन पहले हुई बर्थ डे पार्टी की सजावट आज भी वैसी की वैसी है। सदमे में डूबे परिवार की जब जब इस पर नजर पड़ती है तो कमरे से चीखें गूंजने लगती हैं।
शायद मासूम सा चेहरा दिखता है प्रथम का, जिसने अपनी आंखों के सामने दिल दहला देने वाला मंजर देखा और खुद अस्पताल में डॉक्टरों की मेहनत और परिजनों की दुआओं में जी रहा है। छोटा सा बच्चा शाम से लेकर पूरी रात और अगली सुबह तक मां, पिता और छोटे भाई के शवों के बीच पड़ा रहा।
दिल को कंपा देने वाले हालात के बीच बड़े-बड़े घुटने टेक देते हैं, लेकिन प्रथम जिंदगी और मौत के बीच लड़ता रहा। खुद प्रथम की जुबानी वह खड़ा होने की हिम्मत ही नहीं जुटा पा रहा था, लेकिन कब तक ऐसे रहता?
नीलम सैर करने नहीं थी शाम को
आस पड़ोस में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि नीलम रोज शाम को सेक्टर-15 के पार्क में सैर करने आती थी। साथ में दोनों बच्चे भी होते थे, जो पार्क में दूसरे बच्चों के साथ खेलते थे। वीरवार की शाम नीलम पार्क में नहीं आई, लेकिन उसके न आने की वजह ऐसी होगी, इसका अंदाजा नहीं था।