मृतक मजदूरों की फाइल फोटो
फोम फैक्ट्री कई तरह के आरोपों में घिर गई है। फैक्ट्री के इर्द गिर्द रहने वाले लोगों का कहना है कि इस फैक्ट्री के अंदर कई गैस सिलिंडर पडे़ रहते थे। लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में सिलिंडर फैक्ट्री में कहां से आते थे, इसकी भी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। आग लगने का पता लगते ही आस-पास के गांवों के लोग फैक्ट्री पहुंचने शुरू हो गए। लोगों का आरोप था कि फैक्ट्री गैरकानूनी ढंग से चलाई जा रही थी।
वहीं फैक्ट्री मालिक विजय कुमार पुत्र भीमसेन निवासी बरनाला ने मीडिया से किसी भी तरह की बात करने और मिलने से साफ मना कर दिया है। डीसी धर्मपाल गुप्ता और एसएसपी हरजीत सिंह ने कहा कि पूरे घटनाक्रम और सभी आरोपों की गहनता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मामले में किसी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।
कैप्टन ने बरनाला में हुए अग्निकांड की रिपोर्ट मांगी
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को बरनाला के डिप्टी कमिश्नर से एक औद्योगिक गोदाम में आग लगने की घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें तीन व्यक्ति मारे गए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के वारिसों के लिए एक-एक लाख रुपये की एक्स-ग्रेशिया अनुदान का भी एलान किया। यह हादसा तपा सब-डिविजन के गांव उगोके के एक औद्योगिक गोदाम में हुआ।
कैप्टन ने इस हादसे पर दुख जाहिर किया है। डिप्टी कमिश्नर को दिए आदेश में मुख्यमंत्री ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए घटना की विस्तृत जांच के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने बारे सुझाव देने को भी कहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने तपा के एसडीएम को इस संबंध में जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर धर्म पाल गुप्ता ने जिला पुलिस प्रमुख और एसडीएम के साथ घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ितों के परिवारों के साथ भी मुलाकात की।