घटना के बाद हरकत में विभाग
जब पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि उनके स्कूल में एक दोस्त का जन्मदिन मनाया था और पेटीज खाई थी। इसके बाद सामान्य इलाज करवाने पर दोनों की हालत ठीक हो गई। इसके बाद सोमवार को दोनों को बुखार हो गया। जब दोनों को जिंदल अस्पताल में दाखिल कराया गया तो डॉक्टर ने दोनों को डेंगू बताया। इसके बाद दोनों का वहां पर इलाज चलता रहा। मंगलवार को उनकी तबीयत में कुछ सुधार भी हुआ।
बुधवार को दोबारा बिगड़ गई हालात
दोनों बच्चियों की बुधवार को दोबारा से तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उनको आईसीयू में दाखिल करवाया गया। यहां पर गुरुवार रात दोनों की मौत हो गई। वहीं दूसरे मामले में तीन वर्षीय बच्ची खुशी के पिता अनिल कुमार ने बताया कि उनकी बेटी को सोमवार से बुखार की शिकायत थी। इलाज के लिए वे उसको निजी अस्पताल में लेकर गए थे। वहां पर प्लेटलेट्स कम होने की बात सामने आई और बच्ची की हालत बिगड़ गई। गुरुवार रात को बच्ची की हालत खराब होने पर अस्पताल ने उसको रेफर कर दिया। इसके बाद वह उसको नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिंदल कालोनी निवासी दो बच्चियों की मौत की जानकारी सामने आई हैं। यदि संभावित डेंगू भी हो तो हमें सैंपल सरकारी अस्पताल में भेजने होते हैं। मैं बाहर हूं। मगर रिपोर्ट्स की जांच की जा रही है। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसके बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा। -डॉ. शेखर सिन्हा, डायरेक्टर, जिंदल अस्पताल, हिसार
डेंगू या मलेरिया आशंकित केस प्राइवेट अस्पताल में आने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होती है। मगर इन तीनों ही केस में हमारे पास जानकारी नहीं भेजी गई। जिंदल कॉलोनी व विश्वास स्कूल में फॉगिंग करवाई गई। टीम भेजी गई, लेकिन वहां पर डेंगू का लारवा नहीं मिला। तीनों केसों में इलाज करने वाले अस्पताल से कागजात मंगवाए गए हैं। जांच के बाद ही पता लगेगा कि मौत की वजह क्या रही है। -डॉ. जया गोयल, जिला मलेरिया रोकथाम विभाग अधिकारी, हिसार