चंडीगढ़ में चरस के साथ दबोचे गए तीन युवक
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने चरस के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने जहां पर इसे छिपाकर रखा था, जानकर आप हैरान रह जाएंगे। आरोपियों ने करीब चार किलो चरस कार की हेड लाइट के अंदर छुपा रखी थी।
एनसीबी तीनों आरोपियों को सोमवार को जिला अदालत में पेश करेगी। एनसीबी के सुपरिंटेंडेंट कुलदीप शर्मा ने बताया कि पकड़े गये आरोपियों की पहचान हिमाचल के कुल्लु जिले के गांव बिसर निवासी चरन दास (29) कुल्लु जिले के गांव ग्रामांग के रहने वाले लेखराज (30) के रूप में हुई है।
तीसरा आरोपी चंडीगढ़ के मनीमाजरा का रहनेवाला किशोरी लाल राणा (31)है। मूल रूप से किशोरी लाल भी हिमाचल के मंडी जिले के नेहरी गांव का रहने वाला है। कुलदीप शर्मा ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि आरोपी कार में नशीला पदार्थ लेकर आ रहे है। एनसीबी ने शनिवार देर रात खुड्डा लाहोरा पुल के पास नाका लगाया। आरोपी जैसे ही सिल्वर रंग की टाटा इंडिगो गाड़ी में वहां पहुंचे एनसीबी टीम ने उनको दबोच लिया।
कार की तलाशी लेने पर हेड लाइट केअंदर से 3.800 किलो चरस बरामद हुई। एनसीबी ने चरस के साथ तीनों को गिरफ्तार कर लिया। एनसीबी ने बताया कि आरोपी किशोरी लाल को इसी साल 11 मई को आधा किलो चरस के साथ पंचकूला पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था। जिसके बाद जून में किशोरी लाल जमानत पर बाहर आकर फिर से चरस की तस्करी शुरू कर दी थी।
आरोपी चरस की खेप हिमाचल के कासोल, मनीकरण और कुल्लु से लाते थे। एनसीबी की पूछताछ में किशोरी लाल ने बताया कि डेराबस्सी में दो मरले का प्लॉट लिया था जिसके पैसे बैंक को ना चुका पाने के लिए उसका बैंक के साथ विवाद भी चल रहा है। प्लाट के पैसे चुकाने के लिए जल्दी पैसे कमाने के खातिर ही उसने नशीलें पदार्थ की तस्करी करनी शुरू कर दी। किशोरी लाल शहर में टैक्सी व ऑटो ड्राइवरों को चरस की सप्लाई करता था।
पकड़े गये चरस का बाजार में करीब 7 लाख रुपये है। आरोपियों के पास प्रति किलों चरस बेचने पर 50 से 60 हजार रुपये मिलते थे। एनसीबी तीनों आरोपियों को सोमवार को जिला अदालत में पेश करेगी। एनसीबी चंडीगढ़ जोन इस साल में 26 ड्रग तस्करी के मामले पकड़ चुकी है।