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मनीमाजरा किडनैपिंग केस में खुलासा: पड़ोसी ही निकले आरोपी, दसवीं के छात्र का अपहरण कर मांगी थी 65 लाख की फिरौती 

Thu, 17 Jun 2021 02:49 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मंगलवार सुबह आरोपियों ने छात्र का अपहरण कर लिया था। पुलिस की मुस्तैदी के चलते चार घंटे बाद ही आरोपी छात्र को छोड़कर फरार हो गए थे। 
 
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मनीमाजरा पुलिस की गिरफ्त में अपहरण के आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मनीमाजरा रेलवे फाटक के पास से दसवीं के छात्र को अगवा कर 65 लाख की फिरौती मांगने के मामले का खुलासा कर मनीमाजरा थाना पुलिस ने रामदरबार व किशनगढ़ से दो भाइयों समेत चार दोस्तों को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक आरोपी फरार है। साथ ही यह खुलासा हुआ है कि अगवा किए गए छात्र की बहन की शादी होनी है। ऐसे में पड़ोस में रहने किशनगढ़ निवासी दो भाइयों पंकज गुप्ता (28) और विशाल (24) को पता था कि घर में जेवर और पैसे रखे हैं। ऐसे में उन्होंने अपने वाहनों की किस्त और मंहगे शौक को पूरा करने के लिए छात्र की रेकी कर बलटाना निवासी अजय शर्मा, रामदरबार फेज-1 निवासी मुकेश कुमार (23) और रजत (21) के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। गुरुवार को आरोपियों को पुलिस ने जिला अदालत में पेश कर सभी का चार-चार दिन का रिमांड हासिल किया है।

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उधर, प्रेसवार्ता कर एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि किशनगढ़ निवासी छात्र का अपहरण होने के बाद मनीमाजारा, आईटी पार्क थाना समेत साइबर सेल की टीम अपहरणकर्ताओं की धरपकड़ में जुट गई। आरोपी बलटाना के गोल्डन स्टेट के पास छात्र को छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो सफेद रंग की ब्रेजा कार नंबर (एचआर49ई4463) फुटेज में कैद थी। 

पुलिस ने पाया कि कार पर लगा यह नंबर फर्जी है और एक ऑल्टो कार का नंबर है। पुलिस को जब सीसीटीवी फुटेज को और खंगाला तो उसी जगह पर उसी ब्रेजा कार पर दूसरा नंबर (एचआर03 वाई4270) दिखा। जब इस नंबर को वेरिफाई किया गया तो यह पंचकूला के सेक्टर-19 का निकला। 

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जांच में पाया गया कि गाड़ी मालिक अब बलटाना में रहता है और अजय शर्मा नामक युवक इस कार को चलाता है। इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल की डिटेल खंगाली और दूसरे आरोपी मुकेश कुमार तक पहुंच गई, जिसकी निशानदेही पर पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंची।

इसलिए किया था अपहरण 
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए चारों आरोपियों ने बीए तक पढ़ाई की है। पंकज, विशाल और मुकेश आरबीएल बैंक में रिकवरी का काम करते हैं। पंकज की एक बेटी व एक बेटा जबकि मुकेश की एक बेटी है। पंकज ने एक निजी कंपनी में ऑनलाइन पैसा निवेश किया था, जिसमें उसे काफी नुकसान हुआ। इसके अलावा दोनों भाइयों की गाड़ियों की किस्त भी जमा होती है। साथ ही उन्होंने लोन भी ले रखा है। 

दोनों भाइयों पंकज और विशाल का छात्र के घर आना जाना था। उन्हें मालूम था कि छात्र की बहन की अक्तूबर में शादी है। दोनों शादी की जेवर और अन्य खरीदारी में भी शामिल थे। ऐसे में उन्हें आभास था कि उनके घर पर नकदी और जेवर रखे हैं। इसके बाद पंकज और विशाल ने अन्य तीनों आरोपियों से संपर्क बनाकर अपहरण की साजिश रच डाली और 15 जून की सुबह अजय अपनी ब्रेजा कार में मुकेश और रजत के साथ किशनगढ़ पहुंचा और पहले से रेकी कर रहे दोनों भाइयों के कहने पर छात्र का अपहरण कर लिया गया।  
  
अपहरणकर्ताओं ने इसलिए छात्र को छोड़ा 
परिवार के साथ रहने पर दोनों भाई पंकज और विशाल को पुलिस की हर गतिविधि के बारे में पता चल रहा था। वारदात वाली सुबह अपहरणकर्ताओं को पकड़ने व छात्र को सुरक्षित बचाने के लिए पुलिस ने प्लान तैयार किया तो इसकी भनक दोनों भाइयों को लग गई। इसके बाद पंकज तुरंत मुकेश को फोन पर पुलिस के प्लान के बारे में बता दिया। इससे डरकर तीनों आरोपी छात्र को बलटाना के गोल्डन स्टेट के पास छोड़कर फरार हो गए थे। दोनों भाई पबजी और अन्य गेम खेलने के आदी हैं और महंगे शौक को पूरा करने के लिए वारदात को अंजाम दिया था।
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