जांच में पाया गया कि गाड़ी मालिक अब बलटाना में रहता है और अजय शर्मा नामक युवक इस कार को चलाता है। इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल की डिटेल खंगाली और दूसरे आरोपी मुकेश कुमार तक पहुंच गई, जिसकी निशानदेही पर पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंची।
इसलिए किया था अपहरण
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए चारों आरोपियों ने बीए तक पढ़ाई की है। पंकज, विशाल और मुकेश आरबीएल बैंक में रिकवरी का काम करते हैं। पंकज की एक बेटी व एक बेटा जबकि मुकेश की एक बेटी है। पंकज ने एक निजी कंपनी में ऑनलाइन पैसा निवेश किया था, जिसमें उसे काफी नुकसान हुआ। इसके अलावा दोनों भाइयों की गाड़ियों की किस्त भी जमा होती है। साथ ही उन्होंने लोन भी ले रखा है।
दोनों भाइयों पंकज और विशाल का छात्र के घर आना जाना था। उन्हें मालूम था कि छात्र की बहन की अक्तूबर में शादी है। दोनों शादी की जेवर और अन्य खरीदारी में भी शामिल थे। ऐसे में उन्हें आभास था कि उनके घर पर नकदी और जेवर रखे हैं। इसके बाद पंकज और विशाल ने अन्य तीनों आरोपियों से संपर्क बनाकर अपहरण की साजिश रच डाली और 15 जून की सुबह अजय अपनी ब्रेजा कार में मुकेश और रजत के साथ किशनगढ़ पहुंचा और पहले से रेकी कर रहे दोनों भाइयों के कहने पर छात्र का अपहरण कर लिया गया।
अपहरणकर्ताओं ने इसलिए छात्र को छोड़ा
परिवार के साथ रहने पर दोनों भाई पंकज और विशाल को पुलिस की हर गतिविधि के बारे में पता चल रहा था। वारदात वाली सुबह अपहरणकर्ताओं को पकड़ने व छात्र को सुरक्षित बचाने के लिए पुलिस ने प्लान तैयार किया तो इसकी भनक दोनों भाइयों को लग गई। इसके बाद पंकज तुरंत मुकेश को फोन पर पुलिस के प्लान के बारे में बता दिया। इससे डरकर तीनों आरोपी छात्र को बलटाना के गोल्डन स्टेट के पास छोड़कर फरार हो गए थे। दोनों भाई पबजी और अन्य गेम खेलने के आदी हैं और महंगे शौक को पूरा करने के लिए वारदात को अंजाम दिया था।