सोमवार की रात कार सेवा डेरे में से 1.68 करोड़ की लूट के मामले में पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक आरोपी फरार है। वहीं पुलिस दावा कर रही है कि डेरे द्वारा लूट की राशि अधिक बताई गई है। साथ ही लूट की घटना में पिस्तौल का प्रयोग नहीं हुआ।
पुलिस के इस दावे को शिअद नेताओं ने झूठा करार दिया है। सोमवार को शिअद पार्षद सरबजीत सिंह लाली, यादविंदर सिंह यादू, लखबीर सिंह रटौल, एमपी सिंह, सतनाम सिंह घई ने डेरा कार सेवा के कैशियर बाबा महिंदर सिंह का हाल जाना।
इस मौके पर बाबा महिंदर सिंह ने दावा किया कि सोमवार की रात को लूट करने वाले एक आरोपी ने कैश रूम में दाखिल होते ही पिस्तौल के बल पर उनकी दस्तार उतारकर गले में डाल दी थी। आरोपियों ने उनका गला दबाने का भी प्रयास किया और उनके साथ मारपीट की। बाबा महिंदर सिंह ने दावा किया कि डेरे से 1.50 करोड़ से अधिक की राशि ही लूटी गई है।
शिअद पार्षद सरबजीत सिंह लाली और यादविंदर सिंह यादू ने कहा कि डेरे से लूटी गई राशि को कुछ पुलिस कर्मी कथित तौर पर हड़प करना चाहते हैं। इसलिए पुलिस द्वारा दावा किया जा रहा है कि डेरे से कम राशि लूटी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के पास पिस्तौल होने के बावजूद पुलिस द्वारा आर्म्स एक्ट नहीं लगाया गया और न ही बाबा महिंदर सिंह पर जानलेवा हमला करने के आरोप में इरादा-ए-कत्ल का मामला दर्ज किया गया।
अभी जारी है जांच: एसपी वालिया
एसपी (आई) जगजीत सिंह वालिया का कहना है कि पुलिस द्वारा की गई जांच में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। जांच में साबित होता है कि आरोपियों के पास कोई हथियार नहीं था। ये भी सामने आ रहा है कि डेरे से डेढ़ करोड़ की राशि नहीं लूटी गई। बल्कि लूटी गई राशि काफी कम थी। फिर भी मामले की अभी जांच की जा रही है।