चंडीगढ़ मेयर कार्यालय को धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। इसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ईमेल में 3 से 5 जून के बीच नगर निगम, मेयर कार्यालय, जिला अदालत और रेलवे स्टेशनों समेत कई सार्वजनिक संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सोमवार सुबह मेयर कार्यालय को एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ था। ईमेल में भड़काऊ और अलगाववादी भाषा का प्रयोग करते हुए नगर निगम कार्यालयों, अदालतों और रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाने की धमकी दी गई। संदेश में 3 से 5 जून के दौरान नगर निगम, मेयर कार्यालय और जिला अदालत में विस्फोट करने की चेतावनी दी गई है।
साथ ही 6 जून को रेलवे स्टेशनों और रेल पटरियों पर आईईडी और ग्रेनेड हमले करने का भी उल्लेख किया गया। साथ ही लोगों को रेल यात्रा न करने की चेतावनी दी गई है। धमकी भरे संदेश में 1984 की घटनाओं का हवाला देते हुए उकसाऊ टिप्पणियां भी की गई हैं। ईमेल के अंत में खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी से जुड़ा बताया गया है। हालांकि जांच एजेंसियां ईमेल की सत्यता और भेजने वाले की पहचान की पुष्टि में जुटी हैं।
चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाने वाली ऐसी धमकियों को किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार पुलिस साइबर सेल की मदद से ईमेल के स्रोत और तकनीकी विवरण खंगाल रही है। वहीं रेलवे स्टेशन, अदालत परिसर और नगर निगम भवन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।