भुल्लर को 1993 के दिल्ली बम धमाकों में दोषी माना गया था
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दुर्दांत आतंकवादी संगठन खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स से जुड़े दविंदर पाल सिंह भुल्लर को 21 दिन के पेरोल पर रिहा कर दिया गया है। भुल्लर को 1993 के दिल्ली
बम धमाकों में दोषी माना गया था। वह करीब 23 साल बाद शनिवार को जेल से बाहर आया।
दिल्ली बम धमाके में 9 लोगों की मौत हुई थी और 31 अन्य घायल हुए थे। पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष एमएस बिट्टा इस हमले में बाल बाल बचे थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट
ने भुल्लर को टाडा अदालत से मिली मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था। टाडा अदालत ने 25 अगस्त 2001 को भुल्लर को मौत की सजा सुनाई थी।
शनिवार को भुल्लर जेल से बाहर आया। उसकी पत्नी नवनीत कौर और रिश्तेदार उसे लेेने आए थे। पिछले साल जून में भुल्लर को दिल्ली की तिहाड़ जेल से अमृतसर जेल
शिफ्ट किया गया था। तिहाड़ से लाये जाने के तत्काल बाद उसे अमृतसर जेल के स्थानीय स्वामी विवेकानंद ड्रग डी एडिक्शन सेंटर भर्ती कर दिया गया था। तिहाड़ से अमृतस
शिफ्ट कराने के लिए नवनीत कौर ने भुल्लर की खराब सेहत का हवाला देते हुए प्रयास किए थे।
खेरा को भी मिला पेरोल
पूर्व आतंकवादी गुरदीप सिंह खेरा को भी एक दिन पहले ही अमृतसर जेल से 42 दिन के पेरोल पर छोड़ा गया है। उसे भी पिछले साल जून में अमृतसर जेल में शिफ्ट किया
गया था। (एजेंसियां)