रोहतक शहर के किला रोड और सब्जी मंडी में 1997 में हुए दो बम धमाकों के मामले में आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश शर्मा की अदालत में पेश किया।
अदालत में चार गवाहों के बयान रिकार्ड किए गए, जिनमें दो पीजीआईएमएस के डॉक्टर और दो धमाकों में घायल हुए लोग थे। घायलों ने आरोपी अब्दुल करीम टुंडा को पहचानने से इंकार कर दिया। अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 दिसंबर मुकर्रर की है।
शहर में हुए बम धमाकों के आरोपी कुख्यात आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान चार गवाह अदालत में उपस्थित हुए। इनमें दो चिकित्सक भी थे। उन्होंने अदालत में इस बात की पुष्टि की कि वह उस समय पीजीआईएमएस में बतौर सीएमओ तैनात थे।
वहां बम धमाके में काफी संख्या में घायल होकर पहुंचे थे और उन्होंने उनका उपचार किया था। इसके बाद उस धमाके में घायल हुए दो अन्य लोगों ने भी अदालत में बयान रिकार्ड कराए। दोनों गवाहों ने अदालत में मौजूद आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को पहचानने से इंकार कर दिया। गवाहों ने कहा कि एक जोरदार धमाका हुआ था और वे घायल हो गए थे। जब होश आया तो वे अस्पताल में मौजूद थे।
अदालत ने सभी के बयान रिकार्ड करने के बाद अगली सुनवाई के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की है। इससे पूर्व दिल्ली पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को लेकर रोहतक पहुंची।
इस दौरान कोर्ट में भी कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। बता दें कि इससे पहले भी गवाह अदालत में आतंकी टुंडा को पहचानने से इंकार कर चुके हैं।