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भाजपा-आरएसएस नेताओं पर आतंकी हमले की साजिश, गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

Thu, 09 Aug 2018 09:40 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भाजपा, आरएसएस व अन्य हिंदू संगठनों के नेताओं पर आतंकी हमला कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अन्य राज्यों के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा सरकारों और चंडीगढ़ प्रशासन को इस बाबत इनपुट जारी करते हुए अलर्ट रहने को कहा है। गृह मंत्रालय की और से 7 अगस्त को पंजाब सरकार को भेजे अति गोपनीय पत्र में कहा गया है कि सरकार को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी से इनपुट मिला है कि अंसार गश्त-उल-हिंद (एजीएच) नामक आतंकी संगठन स्वतंत्रा दिवस के मौके पर भाजपा, आरएसएस और अन्य हिंदू संगठनों के नेताओं पर हमला करने की साजिश रच रहे हैं। 
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गृह मंत्रालय के पत्र में इस साजिश का खुलासा करते हुए बताया गया है कि जम्मू में गिरफ्तार किए गए एजीएच के आतंकी इरफान हसन वानी (21) से आरंभिक पूछताछ में हमले की साजिश का पता चला है। वानी के कब्जे से आठ हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं, जिन्हें उसने दिल्ली पहुंचकर अपने साथियों को सौंपना था ताकि वे अलग-अलग स्थानों पर हमले कर सकें।
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दिल्ली जाने के दिए गए थे निर्देश

सांकेतिक तस्वीर
सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में वानी ने बताया है कि उसके आका ने हैंडग्रेनेड देकर उसे दिल्ली जाने के लिए कहा था, जहां वानी को अपने संगठन के कुछ आतंकियों को हैंडग्रेनेड फेंकने की ट्रेनिंग भी देनी थी। उसके बाद वानी ने यह हैंडग्रेनेड साथी आतंकियों को यह कहकर सौंपने थे कि वह इनका इस्तेमाल पुलिस बल, आरएसएस/भाजपा और हिंदू नेताओं पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फेंके। गृह मंत्रालय ने इस सूचना के आधार पर सभी राज्यों को अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की हिदायत जारी की है।

दूसरी ओर, इंटेलीजेंस ब्यूरो ने पंजाब सरकार को एक महीने पहले से ही अलर्ट कर रखा है क्योंकि इंग्लैंड में होने वाले रेफरेंडम 20-20 को सफल बनाने के लिए पाकिस्तान से फंडिंग होने की सूचना मिली है। खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान इस मौके का फायदा उठाकर कट्टरपंथियों को पंजाब में अशांति फैलाने के लिए मदद कर सकता है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बीते महीने आइबी चीफ राजीव जैन की मुलाकात भी चंडीगढ़ में हुई थी। हालांकि इस मुलाकात का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया, लेकिन इंटेलीजेंस सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच सूबे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अहम बातचीत हुई, क्योंकि उसके बाद से पंजाब इंटेलीजेंस की टीमें भी ज्यादा सक्रिय हो गई हैं। 

दो साल में इन हिंदू नेताओं की हुई हत्याएं

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : FILE PHOTO
इस बीच, गृह मंत्रालय के उक्त इनपुट के बाद राज्य सरकार ओर चौकस हो गई है क्योंकि सूबे में हिंदू नेताओं पर पिछले साल हमले की बड़ी वारदातों हो चुकी हैं। हालांकि उन वारदातों में विदेशों में छिपे सिख कट्टरपंथियों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पर उंगली उठी थी लेकिन इस बार आतंकी हमले का खतरा पड़ोसी राज्य में घुसपैठ कर चुके नए आतंकी संगठन से हैं।

इस संगठन के बारे में राज्य पुलिस के पास अभी बहुत अधिक जानाकारी नहीं है क्योंकि ग्रेनेड हमले की घटनाएं ज्यादातर कश्मीर घाटी में सामने आती रही हैं। इस संबंध में राज्य पुलिस के डीजीपी स्तर के अधिकारी ने कुछ भी खुलासा करने के इंकार करते हुए इतना ही कहा कि राज्य पुलिस पूरी तरह चौकस है और खुफिया विंग से मिलने वाली हर सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है।

26 अप्रैल, 2016 : खन्ना में पंजाब शिवसेना के लेबर विंग के नेता दुर्गा प्रसाद गुप्ता की हत्या। पुलिस का दावा, सिख कट्टरपंथियों और पाकिस्तान की आईएसआई ने कराई हत्या। केस सीबीआई को सौंपा जा चुका है।
14 जनवरी, 2017 : लुधियाना के दुर्गा माता मंदिर के बाहर श्री हिंदू तख्त के जिला अध्यक्ष अमित शर्मा की हत्या। हत्यारों का अब तक पता नहीं।
6 अगस्त, 2017 : आरएसएस नेता ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) आरएस गगनेजा की बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई फायरिंग के बाद 22 सितंबर को मौत। राज्य सरकार ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया है
17 अक्तूबर, 2017 : लुधियना में बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों द्वारा आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं की गोली मारकर हत्या।
30 अक्तूबर, 2017 : अमृतसर में हिंदू नेता विपिन शर्मा को दिनदहाड़े बाइक सवारों ने गोलियों से भून दिया।
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50 से ज्यादा हिंदू नेताओं की सुरक्षा घटाई

सांकेतिक तस्वीर
पंजाब सरकार ने गत 11 जुलाई को एक बड़ा कदम उठाते हुए सूबे के कई राजनीतिक नेताओं, धार्मिक नेताओं, गायकों व अन्य लोगों को उपलब्ध कराई गई वीआईपी सुरक्षा में कटौती कर दी जबकि कुछ नेताओं से सुरक्षा पूरी तरह वापस ले ली। माननीयों को सूबे में उपलब्ध कराई गई सुरक्षा की समीक्षा के बाद राज्य पुलिस द्वारा की गई सिफारिश पर यह फैसला लिया गया था। इस फैसले के तहत राज्य में विभिन्न हिंदू संगठनों और शिव सेना के नाम से गठित अलग-अलग पार्टियों के करीब 50 नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई है।

इनमें हरीश सिंगला वाइस प्रेजीडेंट शिव सेना पटियाला, कमलेश भारद्वाज प्रेजीडेंट शिव सेना लुधियाना, सतपाल गोसाईं वाइस प्रेज़ीडेंट शिव सेना मंडी गोबिंदगढ़, सुमन गुप्ता प्रेजीडेंट शिव सेना हिंदुस्तान, अमित शर्मा शिव सेना मोहाली, सचिन घनौली जिला चेयरमैन शिव सेना पंजाब रोपड़, सुनील अरोड़ा प्रेजीडेंट आल इंडिया हिंदू शिव सेना के नाम प्रमुख हैं। इन हिंदू नेताओं की सुरक्षा से एक या दो सुरक्षाकर्मी हटाए गए हैं। 
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