गुरदासपुर में हुए आतंकी हमले के दौरान वीर जवानों के अलावा दो ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जानें बचा लीं अगर ये नहीं होते तो मृतकों की संख्या काफी बढ़ जाती। ये हैं रेलवे के चाबीमैन/ ट्रैकमैन अश्वनी कुमार लाल और पंजाब रोडवेज के बस ड्राइवर नानक चंद।
पहली घटना के अनुसार सेना की वर्दी में आधुनिक हथियारों से लैस तीन आतंकी सुबह पांच बजे गुरदासपुर के दीनानगर पहुंचे और अमृतसर-पठानकोट ट्रैक पर बम फिट किए। इसी दौरान पठानकोट-अमृतसर और जम्मूतवी-दीनानगर रेल सेक्शन पर पड़ते रेलवे पुल से गुजरती रेल पटरी पर विभिन्न जगह पांच बम पड़े देख चाबीमैन/ ट्रैकमैन अश्वनी कुमार लाल झंडी लेकर अमृतसर से आ रही पैसेंजर ट्रेन 54612 को रोकने के लिए ट्रैक पर दौड़ा।
उसने पुल से करीब 55 मीटर की दूरी पर जाकर ट्रेन को 6 बजकर 5 मिनट पर रोक लिया। अगर अश्वनी चौकस नहीं होते तो एक बड़ा हादसा हो सकता था और हजारों रेल मुसाफिर की जान जा सकती थी।
अश्वनी की चौकसी के चलते रेल हादसा होने से बचा। रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर के अधिकारियों ने अश्वनी कुमार को अवार्ड देने के लिए रेलवे बोर्ड दिल्ली को लिखा है।