ननद और सास पर तेजाब फेंकने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने सेक्टर-25 निवासी महिला टिंकू को दस साल सजा सुनाई।
सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने टिंकू पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माने का पैसा पीड़ित ननद को हर्जाना के रूप में दिया जाएगा। वहीं, पुलिस टिंकू पर हत्या के प्रयास के सुबूत नहीं पेश कर पाई। इसके चलते अदालत ने हत्या के प्रयास की धारा में बरी कर दिया।
सेक्टर-25 निवासी उषा ने 19 अप्रैल 2013 को शिकायत दी थी कि वह पति के साथ मायके गई थी। वहां भाभी टिंकू की उसके पति से बहस हो गई। टिंकू ने तेजाब उस पर फेंक दिया था।
बेटी के बचाने के चक्कर में मां शांति भी घायल हो गई थी। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में दाखिल कराया था। जहां शांति देवी की मौत हो गई थी। उषा की शिकायत पर सेक्टर-11 थाना पुलिस ने टिंकू पर मामला दर्ज किया था। 16 जुलाई को अदालत ने आरोपी महिला टिंकू को धारा 326 ए और 326 बी के तहत दोषी करार दिया था।
कोर्ट रूम के बाहर भिड़े दोनों पक्ष
तेजाब फेंकने के मामले में सजा होते ही दोनों पक्षों के बीच कोर्ट रूम के बाहर पहले बहस हुई और फिर हाथापाई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर बुलाकर दोनों पक्षों को शांत कराया गया।
आरोपी महिला टिंकू ने बताया कि उसकी ननद ने उसे जानबूझकर फंसाया है। वहीं ननद का कहना है कि भाभी ने पांच लीटर की कैन से उसके ऊपर तेजाब फेंका था। इसी कारण उसका सारा शरीर झुलस गया था।