किशोर ने सुसाइड नोट में लिखा है कि एसआई अवतार और पुलिसकर्मी रितेश उसे थाना-26 कार से ले गए। पुलिसकर्मियों ने कार में उसे पेशाब पिलाने का प्रयास किया। मुंह नहीं खोलने पर पेशाब उसके चेहरे पर उड़ेल दिया। फिर एसआई ने किशोर को गालियां देकर कार से नीचे उतार दिया। किशोर ने मां को लिखा कि अब पुलिसवालों की वजह से वह उन्हें दुखी होता नहीं देख सकता और दुनिया छोड़कर जा रहा है।
उसने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उससे अमानवीय व्यवहार मोटर मार्केट के कथित प्रधान के कहने पर किया। उसने लिखा कि उसकी मौत के जिम्मेदार सेक्टर-26 थाने की एसएचओ, इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी और अवतार सिंह होंगे। उसने मां से दोनों पुलिसकर्मियों को सजा दिलवाने की बात कही।
एसपी सिटी को जांच के आदेश
मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी यूटी ने एसपी सिटी निहारिका भट्ट को जांच के निर्देश दिए। एसपी सिटी ने जीएमसीएच-32 जाकर किशोर की बहन व अन्य परिजनों से पूछताछ की। उन्होंने उनसे पूछा कि किशोर ने किन कारणों से जहरीला पदार्थ निगला। बहन ने बताया कि उन्हें भाई के पास से सुसाइड नोट मिला।
उसने उसमें लिखा है कि एसएचओ समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे तंग कर उससे मारपीट की और उसके चेहरे पर पेशाब भी उड़ेला गया। एसपी सिटी ने परिजनों से कहा कि वह किशोर के होश में आने व स्वस्थ होने पर उससे बातचीत करेंगी। उस समय तक परिवार को ध्यान रखने को कहा।
छुट्टी पर चल रही सेक्टर-26 थाना एसएचओ, इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी के निजी मोबाइल नंबर पर उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया। लेकिन उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया। फिर उनके मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप पर उन्हें सवाल लिखकर मैसेज भेजे गए। लेकिन फिर भी उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
कार मैकेनिक से मारपीट मामले में आरोपी है किशोर
18 सितंबर 2018 को मनीमाजरा निवासी कार मैकेनिक परमजीत सिंह(47) से मारपीट करने, उनकी पगड़ी उतारने, चेहरे पर सिगरेट का धुआं छोड़ने और दुकान का बोर्ड उतारने के तहत थाना-26 में चोरी व आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपियों में वसीम, पप्पू उर्फ जुबेर, आसिफ और अन्य शामिल थे। पुलिस ने मो. वसीम, जुबेर उर्फ पप्पू और आसिफ को गिरफ्तार किया था। लेकिन पुलिस पर आरोप लगाने वाले उक्त किशोर को जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिली थी।
इसके तहत किशोर को बीती 19 जनवरी को थाने के चौक के समीप पूछताछ के बाद उसके मामा को सुपुर्द कर दिया गया था। बकौल पुलिस इसके बाद से उसे दोबारा नहीं बुलाया गया था। इस मामले में फिलहाल जांच जारी है और कुछ अन्य गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।