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'मैडम जी, यहां शाम होते ही कमरों में जबरन घुस आते हैं मर्द'

Fri, 21 Aug 2015 03:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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महिलाओं ने अपने साथ ही रही हरकतों की दर्दभरी दास्तां सुनाई तो सुनने वालों की आंखें भर आईं। मैडम जी, हमारी मदद कीजिए। यहां शाम होते ही मर्द कमरों में घुस आते हैं। कहते-कहते युवतियां सिसक पड़ी और सुरक्षा की गुहार लगाने लगी। युवतियों के मुंह से इतनी बात सुनकर महिला आयोग की सदस्यों के भी होश उड़ गए। मामला हरियाणा के करनाल में बने नारी निकेतन का है।
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यहां 16 साल के किशोर को अंदर जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन शाम ढलते ही यहां पराये मर्दों का जमघट लग जाता है। कमरों में घुसे मर्दों को बाहर निकालने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ता है। ये हकीकत नारी निकेतन और महिला आश्रम की महिलाओं, लड़कियों ने राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा के सामने बयां की।

आयोग की सदस्य निरीक्षण करने यहां पहुंची थीं। उन्होंने डेढ़ घंटे तक लड़कियों को अलग-अलग बुलाकर नारी निकेतन और महिला आश्रम की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी हासिल की। रेखा शर्मा ने बयान दर्ज कर पूरे मामले की जांच करने का भरोसा दिया। साथ ही कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों की मिलीभगत से होता है यह काम

महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने मीडिया को बताया कि लड़कियां और महिलाएं चार दीवारी के अंदर घुट-घुटकर जीवन गुजार रही हैं। उन्हें यातनाएं सहनी पड़ती हैं। महिलाओं ने आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था का भी खुलासा किया है।

नारी निकेतन और महिला आश्रम साथ-साथ हैं। आश्रम के गेट के अंदर पुरुषों का प्रवेश संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। महिलाओं ने आश्रम की इंचार्ज संध्या के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

रेखा शर्मा ने महिलाओं और लड़कियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही उनके बयान भी अपने पास रख लिए। इसके बाद रेखा शर्मा ने करनाल जेल का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए।
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महिलाओं के चरित्र पर ही उठाए सवाल

आयोग की सदस्य के सामने अधिकारियों की गलती निकलने पर पीओआईसीडीएस रजनी पसरीचा ने महिलाओं के चरित्र पर ही सवाल उठा दिए। पसरीचा ने बताया कि महिलाएं खुद ही अपने जानकार पुरुषों को बुलाती हैं। इस पर महिलाओं ने उलटे पूछ लिया कि आखिर पुरुष गेट के अंदर प्रवेश कैसे कर पाते हैं। इसका पसरीचा के पास कोई जवाब नहीं था। आयोग की सदस्य ने स्पष्ट कहा कि आगे से ऐसी गलती करने वाली महिलाओं के कमरे छीन लिए जाएं।

मानसिक रूप से परेशान लड़कियां भी आम लड़कियों के साथ
रेखा शर्मा ने बताया कि नारी निकेतन में 105 लड़कियां रहती हैं। इनमें से 22 लड़कियां मानसिक रूप से परेशान हैं। लड़कियां चार दीवारी के अंदर हैं और इनका भविष्य कुछ नहीं है। बालिग लड़कियों को पूरी आजादी मिलनी चाहिए और उन्हें जीने का पूरा अधिकार है। इसके बारे में सरकार के पास सुझाव भेजे जाएंगे।

परिसर में मानसिक और शारीरिक रूप से अपंग महिलाओं और लड़कियों से बातचीत कर उनका हाल जाना। उन्होंने पीओआईसीडीएस को निर्देश दिए कि दोनों परिसरों में रह रही लड़कियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लड़कियां या महिलाएं मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है, उनको मेंटल रिटायर्ड होम में भेजने के लिए आयोग की तरफ से सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
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