जेबीटी पेपर लीक में एसआईटी के गिरफ्त में आए आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एसआईटी की जांच के बाद पुलिस की शक की सुई बिहार के नालंदा निवासी रंजीत सिंह पर टिक गई है।
रंजीत इलाके में रंजीत डॉन के नाम से मशहूर है। पुलिस का कहना है कि रंजीत डॉन 2003 में हुए एम्स, कैट और सीबीएसई मेडिकल एंट्रेस एग्जाम के पेपर लीक कराने के पीछे था। पुलिस का कहना है कि शहर का जेबीटी पेपर लीक घोटाला भी बिल्कुल वैसा ही है।
इसी बीच, एसआईटी ने मंगलवार को रोहतक पुलिस पार्टी पर अपने साथियों के साथ हमला कर फरार हुए सतिंदर हुड्डा को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सतिंदर हुड्डा की गिरफ्तारी से अब इस घोटाले के फरार चल रहे मास्टर माइंड मिथिलेश पांडे उर्फ गुरू जी तक पहुंचना आसान हो गया है। पुलिस का कहना है कि सतिंदर हुड्डा वह शख्स है जो मिथिलेश पांडे से दो बार मिला था। पुलिस को उम्मीद है कि अब सतिंदर हुड्डा की गिरफ्तारी के बाद मास्टर माइंड गुरू जी को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
एसआईटी इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसआईटी अब तक घोटाले के तीन दलालों बृजेंद्र नैन, सचिन हुड्डा और संपूर्ण सिंह को पकड़ चुकी है। साथ ही पैसे देकर शहर के सरकारी स्कूलों में तैनात चार टीचरों नवीन मलिक , सुशीला रानी, संदीप व देवेंदर सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है।