पंजाब के मोहाली में अमेरिका निवासी एनआरआई से पैंतीस लाख की ठगी करने के आरोप में चार लोगों को एनआरआई थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपियों में ग्रीन इंडिया इलेक्ट्रॉनिक ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड चंडीगढ़ के दो डॉयरेक्टर्स दंपति हैं। पुलिस ने आरोपियों को वीरवार को जिला अदालत में पेश किया। जहां से दोनों पुरुषों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। जबकि महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपी रिश्ते में भाई हैं। एनआरआई थाने की पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
एनआरआई एंड वुमन विंग की आईजीपी गुरप्रीत सिंह दियो ने बताया कि अश्वनी कौड़ा निवासी अमेरिका ने एनआरआई थाने को धोखाधड़ी की शिकायत दी थी।
एनआरआई थाने ने ग्रीन इंडिया इलेक्ट्रॉनिक ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डॉयरेक्टर्स आरती गोयल पत्नी परवीर गोयल, सिरदूला गोयल पत्नी डॉ. मनीष गोयल, मैनजिंग डॉयरेक्ट परवीर गोयल एवं उसके भाई मनीष गोयल के खिलाफ धारा 420, 406 व 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस टीम ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अदालत से अरेस्ट वारंट लिया। उसके बाद उन्हें दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे बनाया था ठगी का शिकार
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित ग्रीन इंडिया इलेक्ट्रॉनिक नाम से कंपनी थी। कंपनी ने एनआरआई अश्वनी कौड़ा से मारुति सुजुकी कंपनी की पेट्रोल गाड़ियों मारुति 800 एवं जेन कार में इलेक्ट्रॉनिक किट लगाने का एग्रीमेंट किया था।
एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक कंपनी ने एनआरआई को रोजाना छह चालू इलेक्ट्रॉनिक किटें मुहैया करानी थीं। एक किट की कीमत एक लाख 15 हजार रुपये तय की गई थी। इसके अलावा कंपनी के इन्वेस्टर डिस्ट्रीब्यूटर को तिमाही दस प्रतिशत ब्याज देना था।
इन किटों को बेचने की जिम्मेदारी भी कंपनी पर थी। परंतु कंपनी अपनी शर्तों पर खरी नहीं उतरी। इन्वेस्टर को एक भी किट मुहैया नहीं कराई। न ही उसे 35 लाख रुपये वापस किए।