नयनादेवी मुठभेड़ के दौरान भागे गैंगस्टरों के दो साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोहाना थाने की पुलिस और सीआईए स्टाफ ने आरोपियों को माछीपुर से घडूआं रोड रेलवे अंडरब्रिज के नजदीक नाके से काबू किया है। आरोपियों की पहचान संजू निवासी जिला गुरदासपुर व वरुण सूद निवासी रतनगढ़ थाना मोरिंडा के रूप में हुई है। आरोपियों से पुलिस ने एक रिट्ज और स्विफ्ट कार, एक देसी कट्टा 12 बोर, दो कारतूस, एक टॉय पिस्टल व मिर्च पाउडर बरामद किया। यह दावा सोमवार को एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने प्रेस कांफ्रेंस ने किया। इस मुठभेड़ में अहम भूमिका निभाने वाले डीएसपी सिटी-2 रमनदीप सिंह व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जब 14 जुलाई को उन्होंने खरड-लांडरां रोड से कार लूटी थी। मोहाली पहुंचकर उन्होंने चंडीगढ़ व मोहाली में कारों की रेकी की। फिर खरड़-लांडरां रोड पर पहुंचकर गाड़ी में बैठकर शराब पी। इसके बाद उन्होंने वारदात को अंजाम देने के लिए गए। इस दौरान रिट्ज कार से पहले गैंगस्टर सन्नी मसीह, गोल्डी और अमरप्रीत सिंह नीचे उतरे। सन्नी व अमरप्रीत के पास एक पिस्टल और गोल्डी के पास एक लोहे की रॉड थी।
सन्नी मसीह ने अपने पिस्टल से वरना कार सवारों पर फायर कर उन्होंने उक्त लोगों से कार छीनी थी। इसके बाद सभी लांडरां की ओर चले गए थे। आगे जाकर सन्नी मसीह, गोल्डी व अमरप्रीत वरना कार से रोपड़ साइड चले गए। जबकि संजू वरुण के साथ उसके मोरिंडा स्थित घर पर चला गया। उसी रात नयनादेवी में हुई मुठभेड़ में सन्नी की मौत हो गई थी। जबकि उसके दो साथी पकड़े गए थे।
पहले दस्तावेज चोरी करते थे, फिर उसी मार्का की कार
सांकेतिक तस्वीर
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वह वारदात को अंजाम देने से पहले किसी भी गाड़ी के दस्तावेज चोरी कर लेते थे। फिर उसी मार्का की गाड़ी को छीन लेते थे। इसके बाद लूटे गए वाहन पर उक्त नंबर लगा देते थे। सोहाना से भी 13 जुलाई की रात लूटी कार पर उन्होंने तुरंत लुधियाना का नंबर पीबी दस एबी 7200 लगा दिया था। उसी नंबर की आरसी भी आरोपियों से बरामद हुई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
फगवाड़ा में तैयार करवाई थी फर्जी नंबर प्लेट
आरोपियों ने बताया कि उनके गिरोह के लीडर गोल्डी व सन्नी मसीह थे। वह दोराहा में गोल्डी की दुकान पर इकट्ठे होते थे। 12 जुलाई को गोल्डी व जसबीर उर्फ संजू को जालंधर से लेने गए थे। कस्बा सभानपुर से संजू को साथ लिया था। साथ ही फगवाड़ा से गाड़ी की नंबर प्लेटें बनाई थी। 12 जुलाई को गोल्डी के घर दोराहा पहुंच गए थे। 13 जुलाई को गोल्डी, जसबीर सिंह उर्फ संजू, सन्नी मसीह रिट्ज कार से मोरिंडा पहुंचे। गोल्डी ने वरुण सूद व अमरप्रीत सिंह को पहले ही फोन कर तैयार रहने को कहा था। इन दोनों को मोरिंडा से साथ लेकर चंडीगढ़ की तरफ चल पड़े।
गोल्डी जून में ही जेल से आया था बाहर
जबसीर सिंह उर्फ संजू ने पूछताछ में बताया है कि गोल्डी दवाएं देने का काम दोराहा में करता था। इस कारण उसे डॉक्टर भी कहा जाता है। जाइलो कार लूटने के दौरान कलानौर गुरदासपुर में वह गिरफ्तार हुआ था। गोल्डी के तीन साथी भी पकड़े गए थे। इसके बाद वह जून में जमानत पर बाहर आया था।
जम्मू-कश्मीर में बेचते थे कार
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यहां से कारें चोरी कर जम्मू-कश्मीर में बेचते थे। उक्त कार भी उन्हें जम्मू ही भेजनी थी। अब मोहाली पुलिस ने इस संबंध में जम्मू पुलिस को भी अलर्ट भेज दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस को वहां से कोई सूचना मिलेगी।