26 साल की गर्भवती ने मायके में जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पूर्व उसने स्टांप पेपर पर सुसाइट नोट भी लिखा, जिसमें पति व सास ससुर सहित पांच लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
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पुलिस ने महिला के पिता ईश्वर सिंह की शिकायत व सुसाइट नोट के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर लिया है। महिला की शादी करनाल में हुई थी।
सोनिया का पोस्टमार्टम करवाने सामान्य अस्पताल आए पिता गांव सांच निवासी ईश्वर सिंह, ताऊ सतपाल व भाई बलविंद्र ने बताया कि 21 फरवरी 2014 को करनाल निवासी अजय के साथ सोनिया की शादी हुई थी। सोनिया का पति आस्ट्रेलिया में रहता था, लेकिन अब वह करनाल आया है।
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मृतका से मारपीट करता था आरोपी पति
शादी के बाद वह सोनिया को अपने साथ ले जाने की बात कहने लगा। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर कुछ पैसे लिए। अजय सोनिया के साथ मारपीट करता था और उसे तलाक देने की बात भी कहता था।
सोनिया आठ महीने से गर्भवती थी और अपने मायके सांच में रह रही थी। इस बात पर पांच बार पंचायत भी हुई। अंतिम बार 4 फरवरी बुधवार को करनाल में पंचायत हुई तो सोनिया भी पंचायत के साथ अपने ससुराल गई।
जब वह अपने पति व सास के पास पहुंची तो उन्होंने उसे जोर से ठोकर मार दी, जिससे वह सीढ़ियों में नीचे जा गिरी। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब परिवार के सदस्य बाहर गए थे, तो पीछे से सोनिया ने जहर निगल लिया। इलाज के लिए अस्पताल लाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मृतका ने स्टांप पेपर पर लिखा सुसाइड नोट
सोनिया ने मरने से पहले स्टांप पेपर पर सुसाइड नोट लिया। यह स्टांप पेपर उसने बुधवार को करनाल में हुई पंचायत के बाद होने वाले संभावित समझौते के लिए लिया था।
उसकी मंशा थी कि यदि पंचायत में ससुराल पक्ष उसे अपने साथ ले जाने के लिए राजी होता है तो वह इस बात को स्टांप पेपर पर लिखवाएगी। लेकिन पति व सास ने उसे रखने की बजाये ठोकर मारकर अपमानित किया। इसे सोनिया सहन नहीं कर सकी।
जिस स्टांप पेपर को सोनिया अपनी किस्मत का फैसला लिखवाने के लिए लाई थी, उसी पर मौत की कहानी बयान करके जिंदगी को अलविदा कह गई।
मेरी शादी अजय अत्री पिता महेंद्र सिंह अत्री, मां निर्मला, निवास स्थान करनाल सेक्टर 8 मकान नंबर 342 में रहते है। ये लोग 5 महीने मेरे साथ ठीक रहे। उसके बाद जन्म पत्री बनवाने को मेरे पापा जी को कहा, उसके बाद पैसों की मांग की, मेरे पापा जी ने आठ लाख रुपये दिये। उसके बाद मारपिटाई शुरू की। उसके बाद पैसे लेने के लिए फिर घर भेज दिया।
मेरे साथ धोखाधड़ी से शादी की। उसके बाद पता चला की इसके दो बच्चे भी हैं। मेरे को बोला मैं तुम्हारा बच्चा ले लूंगा और तुम्हें तलाक दे दूंगा और मुझे कहा कि अगर घर से दस लाख रुपये लेकर आएगी तो रखूंगा, नहीं घर में नहीं आने दूंगा। अब इसकी मां हर रोज मेरे साथ मारपिटाई करती है।
ये तीनों लोग मुझे मारते हैं और मुझे मरने पर मजबूर करते हैं। इसलिए इन तीनों की वजह से मैं आत्महत्या कर रही हूं। ये तीनों लोग मेरी मौत के जिम्मेवार हैं। इनका मुख्य सलाहकार मामा राजपाल बस्तलीवाला है। उसी की सलाह पर ये सब चल रहें है और मौसा गुरदयाल श्यामनवाला है। सोनिया, पत्नी, अजय अत्री