नौकरी से निकाल दिए जाने से दुखी होकर कंप्यूटर लैब सहायक ने खौफनाक कदम उठा लिया। उसने पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली। हरियाणा के सरकारी स्कूलों से कंप्यूटर लैब सहायकों को 30 अप्रैल को हटाए गए थे। जींद के रहने वाले दयालचंद का शव मनीमाजरा स्थित शांतिनगर की गली नंबर-10 के मकान नंबर 147 में मिला।
आत्महत्या करने से पहले अशक्त दयालचंद का लिखा एक सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला है। इसमें उसने किसी को हत्या का दोषी नहीं माना। उसने लिखा कि वह अपने परिवार की कोई मदद नहीं कर पाया, उसे इसका अफसोस है। मनीमाजरा थाने में आत्महत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। शनिवार शाम को ही उसके परिजन शव लेकर पैतृक गांव जींद रवाना हो गए।
जानकारी के अनुसार 34 वर्षीय दयालचंद हरियाणा के कैथल जिले स्थित गांव सांडल में 4 साल से कंप्यूटर लैब सहायक था। लेकिन हरियाणा सरकार द्वारा नौकरी से हटाए जाने के बाद वह काफी तनाव में था। तीन दिन पहले ही दयालचंद अपने छोटे भाई ऑटो चालक प्रवीण के पास मनीमाजरा आया था।
शनिवार सुबह प्रवीण करीब 9.30 बजे घर आया तो काफी खटखटाने के बाद भी दयालचंद ने दरवाजा नहीं खोला। उसने खिड़की से अंदर देखा तो पाया कि दयालचंद ने पंखे से फंदा लगाया हुआ था। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
दयालचंद के परिवार वालों ने बताया कि पिछले महीने ही पंचकूला में गेस्ट टीचर्स के विरोध प्रदर्शन में शामिल दयालचंद गंभीर रूप से घायल भी हो गया था। मनीमाजरा पुलिस स्टेशन के एसएचओ जसबीर सिंह ने कहा कि उसने सुसाइड नोट में किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
अंबाला में भी एक गेस्ट टीचर ने की थी सुसाइड
हरियाणा सरकार ने करीब 4 हजार गेस्ट टीचर और 3 हजार के करीब गेस्ट कंप्यूटर टीचर्स को नौकरी से निकाल दिया है। हाल ही में अंबाला में भी एक गेस्ट टीचर ने नौकरी खोने से दुखी होकर आत्महत्या कर ली थी।