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दलित युवक ने लगाई फांसी, पुलिस पर आरोप

Sun, 25 Oct 2015 01:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हांसी(हिसार)
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दलित युवक ने फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। जान देने से पहले उसने सुसाइड नोट में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। घटना हरियाणा के हिसार जिले के गांव भाटला की है।
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बदन सिंह नामक युवक को परिजनों ने फंदे से लटका पाया। उसके शव के पास एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने पुलिस तथा कुछ अन्य लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।

गुस्साए परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया है और सिविल अस्पताल में डेरा डाल रखा है। इस मामले को 8 अक्तूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटके मिले गुरबचन सिंह के मामले से जोड़ कर देखा जा रहा है।
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गुरबचन सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई की थी जबकि उसके परिजन इसे हत्या का मामला बताते हुए कई बार उच्च स्तरीय जांच की मांग पर प्रदर्शन कर चुके थे।
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परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया

जानकारी के अनुसार बदन सिंह उर्फ लीला अविवाहित था तथा घर में ही बनी दुकान में टेलरिंग का कार्य करता था। शनिवार सुबह घर में बनी दुकान की छत से उसका फंदे से लटका हुआ शव मिला। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें पुलिस व कुछ अन्य लोगों प्रताड़ना के आरोप हैं।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया तथा सिविल अस्पताल में ही डेरा डाल दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में दलित समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

देर शाम फतेहाबाद की एसपी संगीता कालिया भी सिविल अस्पताल पहुंची तथा प्रदर्शनकारियों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। सदर पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर खेदड़ निवासी राजबीर तथा भाटला निवासी लीला के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने तथा एससीएसटी एक्ट की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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यह लिखा है सुसाइड नोट में

सुसाइड नोट में बदन सिंह ने गुरबचन सिंह की मौत को लेकर कुछ बातें साझा की है तथा पुलिस व अन्य लोगों पर उसे प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। उसने पुलिस से न्याय की विनती भी है। अंत में उसने लिखा है कि ..अब दो रातों से मुझे परेशान कर रहे हैं कि तुमने अगर दोबारा गवाही दी तो गुरबचन से भी बदतर सलूक किया जाएगा।

रात को दो जने आते है। लाइट जाने के बाद मैं उनको पहचान नहीं सका क्योंकि मुंह पर कपड़ा लपेटे हुए थे और मेरी आंखें खराब है। और मेरे भाई से विनती है कि किसी से झगड़ा मत करे और इस गांव को छोड़ कर कहीं और चला जाए क्योंकि ये गांव अनाई है। इस गांव में न्याय नहीं है।

परिजनों ने कहा पुलिस का दबाव था
बदनसिंह गुरबचन सिंह के परिवार से संबंध रखता था। परिजनों का आरोप है कि गुरबचन की मौत के बाद पुलिस ने आरोपियों के साथ मिल कर बदन सिंह पर मानसिक दबाव बनाया हुआ था, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।

पुलिस के सामने ये रखी है शर्त
दलितों की अगुवाई कर रहे एडवोकेट रजत कल्सन ने मामले की सीबीआई जांच करवाने, सदर थाना प्रभारी जगबीर सिंह तथा एएसआई राजबीर सिंह को सस्पेंड कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा दोनों पीड़ित परिवार के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये तथा सरकारी नौकरी की शर्त रखी है। कल्सन ने कहा कि जब तक उनकी शर्तें मानी नहीं जाती हैं तब तक वे सिविल अस्पताल में ही डेरा डाले रहेंगे।

पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। किसी पुलिस अधिकारी अथवा कर्मचारी के खिलाफ भी कोई सबूत मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
- जयपाल सिंह, डीएसपी
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