बीते दिन सुखना लेकर पर तैरते मिले 50 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति के शव की शिनाख्त हो गई है। शव मोहाली के पूर्व डीईओ विनोद कुमार शर्मा का था। वह बहुचर्चित किताब घोटाले का आरोपी था।
पिछले साल यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इस मामले में गठित जस्टिस जिंदल कमीशन ने शिक्षामंत्री सिकंदर सिंह मलूका को क्लीन चिट दे दी थी। जबकि, किताबें खरीदने को बनी कमेटी को दोषी ठहराया था।
विनोद कुमार उसी कमेटी के सदस्य थे। उसमें शिक्षा मंत्री को तो क्लीन चिट दे दी थी लेकिन सारा ठीकरा पुस्तक खरीद कमेटी पर फोड़ दिया था।
आरोपी ठहराए जाने के बाद से परेशान चल रहे विनोद कुमार शर्मा ने आत्महत्या कर ली। उनका शव सुखना में तैरता मिला, जबकि कार दफ्तर में मिली थी।
शव पुलिस की पेट्रोलिंग कर रही टीम को सीढ़ी नंबर 4 के पास दिखाई दिया था। टीम ने तुरंत इसकी सुचना पुलिस चौकी को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया। अभी मामले की जांच चल रही है।