पंजाब के मानसा जिले में युवक ने लगाई फांसी
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युवक को नौकरी नहीं मिल रही थी। कई दिन से तनाव में था, आखिरकार उसकी हिम्मत टूट गई और फंदा लगाकर जान दे दी। पिछले चार दिन पंजाब के मानसा जिले में खुदकुशी का यह तीसरा मामला है। इससे पहले दो युवक जहर खाकर जान दे चुके हैं।
गांव कोटधरमू के एक नौजवान निर्मल सिंह (21) ने बारहवीं पास करने के बाद इलेक्ट्रिशन का डिप्लोमा भी किया हुआ था। वह बीते लंबे समय से कोई नौकरी न मिलने से बेरोजगारी से जूझ रहा था। पिछले कई दिन से तनाव में था, परेशान होकर जान दे दी।
मृतक के पिता परमजीत सिंह ने बताया कि उसके पास साढ़े तीन एकड़ जमीन थी, जिसमें से कुछ जमीन कर्ज चुकाने में लग गई थी। अब उनके पास महज एक कनाल जमीन ही बची है। उसके अनुसार जमीन बिक जाने के बाद भी उनके पर करीब 3 लाख रुपये का कर्ज है। कर्ज व बेरोजगारी के चलते निर्मल सिंह ने खेत में जाकर गले में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
घटना का पता चलते ही गांव में शोक की लहर पसर गई। चार दिनों में मानसा जिले में तीन युवाओं ने घर की आर्थिक हालत कमजोर होने से आत्महत्या की है। इससे पहले 10 अप्रैल को गांव बुर्ज ढिल्लवां के गुरप्रीत सिंह ने कॉलेज की फीस न भर पाने से जहरीली दवा पीकर जान दे दी थी, जबकि मंगलवार को बरेटा के गांव बहादरपुर के बीए फाइनल के छात्र गुरविंदर सिंह ने आर्थिक तंगी के कारण जहरीली दवा पीकर आत्महत्या कर ली।
रोजगार गारंटी कानून बनाने की मांग
पंजाब किसान यूनियन के सुरजीत सिंह हैपी, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रधान प्रदीप गुरु, कुलविंदर सिंह, दलेल सिंह वाला और इंकलाबी नौजवान सभा के गुरप्यार गेहले ने सरकार से मांग की है कि संकट के दौर से गुजर रहे उक्त परिवारों की आर्थिक मदद की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का आत्महत्याएं चिंता का विषय है। इसे ध्यान में रखकर जल्द रोजगार गारंटी कानून बनाया जाए।