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लाइसेंसी पिस्टल से छात्र ने खुद को मारी गोली, ये वजह आई सामने, हर मां-बाप जरूर पढ़ लें खबर

Thu, 16 May 2019 08:29 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बौंदकलां (चरखी दादरी)
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी की 12वीं की विज्ञान संकाय में परीक्षा परिणाम नॉट क्वालिफाइड आने पर बौंदकलां निवासी एक छात्र ने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

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पुलिस ने सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस और एफएसएल की टीम बारीकी से जांच कर रही है। घटना के समय छात्र अपनी मां के साथ घर पर ही था।   

बौंदकलां निवासी पूर्व सैनिक सुनील सिंह के 17 वर्षीय बेटे शोभित ने अपने घर पर सुबह साढ़े छह बजे पिता की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घर में ही मौजूद मृतक की मां निशा ने गोली चलने की आवाज सुनी तो मौके पर शोभित को खून से लथपथ देखा। इसके बाद समीप ही मौजूद अन्य परिजनों को घटना की जानकारी दी। 
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परिजन गंभीर रूप से घायल शोभित को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर गए लेकिन सुबह सात बजे सीएचसी में कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। वहां पर मौजूद स्टाफ नर्स ने छात्र की जांच करके सामान्य अस्पताल चरखी दादरी रेफर कर दिया। परिजन छात्र शोभित को लेकर सामान्य अस्पताल चरखी दादरी पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बुधवार को सीकर से लौटे थे मां-बेटा
मृतक छात्र के परिवार में दादा राजबीर सिंह ने पुलिस बयान में बताया कि छात्र शोभित सीकर राजस्थान में अकादमी में दाखिला लेने गया था। उसके साथ मां भी सीकर गई थी। बुधवार को ही 12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित हुआ। परिणाम देखने के बाद से ही शोभित मानसिक रूप से तनाव में था।

मां और बेटा बुधवार रात को ही सीकर से लौटे थे। गुरुवार सुबह शोभित की मां घर पर ही मौजूद थीं। इसी दौरान शोभित ने अंदर रखी पिता की लाइसेंसी पिस्टल निकाली और बरामदे में आकर खुद को गोली मार ली। बताया जाता है कि गोली कनपटी के दूसरी पार निकल गई।

दसवीं कक्षा में 83 प्रतिशत अंक आए थे

सांकेतिक तस्वीर
शोभित ने 10वीं कक्षा में भी 83 प्रतिशत अंक लिए थे। इसके साथ ही उसने 11वीं कक्षा में भी बेहतर अंक लिए थे। वह पढ़ाई के साथ-साथ खेल में खासी रुचि रखता था। छात्र शोभित के दादा सूरजपाल सिंह भी सेना में सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं। शोभित के पिता भी एनएसजी कमांडो से रिटायर्ड हैं। इसके साथ ही परिवार के अन्य सदस्य भी सेना में कार्यरत हैं। शोभित की बहन इस समय कुरुक्षेत्र से बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं।

रात में नहीं होती सीएचसी में डॉक्टर की ड्यूटी
मृतक छात्र शोभित के परिजन सुबह सात बजे सीएचसी केंद्र में लेकर गए तो उस समय केंद्र में डॉक्टर नहीं मिला। केंद्र में केवल दो ही डॉक्टर कार्यरत हैं। सीएमओ के आदेशानुसार उनकी ड्यूटी रात के समय सामान्य अस्पताल चरखी दादरी में रहती है। रोस्टर में रात के समय पर किसी भी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं होती है।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया : जांच अधिकारी
शोभित ने 12वीं में फेल होने पर अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारी है। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एफएसएल की टीम ने जांच की है। - राजकुमार, सहायक उप निरीक्षक, जांच अधिकारी  
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बच्चों को अच्छे रिजल्ट के लिए प्रेरित करें, अकेला न छोड़ें

आज छात्र के अंकों के साथ करियर को जोड़कर देखा जाने लगा है जो सरासर अनुचित है। परिणाम घोषित होने पर बच्चों के साथ माता-पिता को काउंसिलिंग करनी चाहिए। अगर बच्चे का रिजल्ट स्कोर बढ़िया नहीं है तो उसे प्रेरित करें। अधिक अंकों वाले बच्चों से उसकी तुलना न की जाए। कम अंक आने पर उसे प्रेरित करे। बच्चे को एकांत में नहीं रहने दें।

उसके साथ स्कूल के पाठ्यक्रम, शिक्षक की गतिविधियों के बारे में चर्चा करें। आजकल परीक्षाओं में अंकों का स्कोर जरूर बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाला छात्र तो अपने आप ही स्ट्रेस में चला जाता है। इस प्रकार के परिणाम घोषित करने से पहले काउंसिलिंग प्रोग्राम चलाना चाहिए।  - डॉ. एमके जैन, अभिप्रेरक एवं एसोसिएट प्रोफेसर
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