स्पेशल टॉस्क फोर्स की टीम ने लुधियाना के बाद जालंधर में बड़ा आप्रेशन चलाकर एक तस्कर को काबू कर लिया है। आरोपी तस्कर दवाईयां सप्लाई करने की आड़ में नशीली दवाईयों का धंधा चला रहा था। वह नशीली दवाईयों की खेप लुधियाना में काबू किए तस्कर से लेता था और आगे सप्लाई करता था। आरोपी के पास से एक लाख 71 हजार 400 नशीली गोलियां बरामद की गई हैं। आरोपी से पूछताछ में चार तस्करों के नाम सामने आए हैं, जो रिटेल में आगे नशेड़ियों को नशीली दवा बेचते थे, इनमें कुछ करियाना दुकान के चलाने वाले भी हैं।
एसटीएफ के एआईजी मुखविंदर सिंह भुल्लर ने प्रेसवार्ता में बताया कि लुधियाना में वीरवार को टीम ने एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया था, जिसमें आगरा से आने वाली नशीली दवाईयों के कारोबारी को गिरफ्तार किया था। आरोपी के पास से 28 लाख नशीली गोलियां बरामद की गयी थी। आरोपी मनविंदर सिंह राजा हैबोवाल को गिरफ्तार किया था। जब उससे पूछताछ हुई तो आरोपी ने खुलासा किया कि वह दविंदर नीरज निवासी हैबोवाल को नशीली दवाईयां होलसेल में सप्लाई करता था, जो आगे जालंधर के देहात इलाके में मोटा मुनाफा लेकर बेचता था।
एसटीएफ ने जालंधर के देहात में आपरेशन चलाकर दविंदर नीरज पुत्र सुरिंदर पाल निवासी हैबोवाल कला को गिरफ्तसार कर लिया, जिसके पास से 1 लाख 71 हजार 400 नशीली गोलियां बरामद की गईं। आरोपी दविंदर ने बताया कि वह राजा से नशीली गोलियां सस्ते दाम पर खरीदता था। वह दिखावे के लिए एक मेडिकल शाप पर काम करता था और उनकी दवाईयां सप्लाई करता था लेकिन इसकी आड़ में वह नशे की गोलियां सप्लाई कर पैसा कमाता था। आरोपी ने आगे कई नामों का खुलासा किया था, जिनको वह नशीली गोलियां सप्लाई करता था।