काउंटर इंटेलीजेंस विभाग को उस समय बड़ी सफलता मिली जब विभाग के अधिकारियों ने 13.98 लाख रुपये की भारतीय जाली करेंसी समेत एक अंतर्राज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना थर्मल में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। वहां से उसे अदालत ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
उक्त आरोपी का एक साथी जाली करेंसी की तस्करी के आरोपों के तहत पहले ही बठिंडा जेल में बंद है। विभाग के एआईजी अजय मलूजा ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि आरोपी सिमरजीत सिंह निवासी भाई बख्तौर हाल आबाद आदर्श नगर जाली करेंसी की सप्लाई का काम करता है। वह अब भी पश्चिम बंगाल के हावड़ा से जाली करेंसी की सप्लाई लेकर आ रहा है।
पुलिस ने सूचना के आधार पर आरोपी को बठिंडा पहुंचते ही काबू कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से 13.98 लाख की भारतीय जाली करेंसी बरामद की है। यह 1000 और 500 रुपये के नोटों के रूप में थी। उक्त करेंसी उसने विशेष तौर पर बनाए गए एक बैग में गुप्त जगह बनाकर उसमें रखी हुई थी।
आरोपी सिमरजीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह पश्चिम बंगाल के हावड़ा से राजू नामक एक व्यक्ति से 45 हजार में 1 लाख रुपये की जाली करेंसी लेकर आता है। उसने बताया कि वह सोने-चांदी के जेवरात बनाने का काम करता था।
इस दौरान उसकी मुलाकात गुरप्रीत सिंह निवासी कोटशमीर के साथ हुई, जो जाली करेंसी का धंधा करता था। गुरप्रीत सिंह ने ही उसे हावड़ा में करेंसी लेकर आने की जगह बताई व धंधे से जुड़े लोगों से मिलवाया।
10 लाख की जाली करेंसी कर चुका है सप्लाई
सिमरजीत सिंह ने माना कि वह अब तक हावड़ा से जाली करेंसी की 4 खेप उक्त रेट पर ला चुका है। उसने बताया कि वह बठिंडा के अलावा हरियाणा और साथ लगते इलाकों में अब तक 10 लाख रुपये की जाली करेंसी सप्लाई कर चुका है।
इस बार भी वह जाली करेंसी की खेप लेकर आ रहा था कि विभाग के स्पेशल ग्रुप के हत्थे चढ़ गया। एआईजी मलूजा ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे करेंसी की आमद व स्रोतों संबंधी और पूछताछ की जाएगी।