शहर से सटे गांव छाउछ निवासी अपहृत हुए एक युवक का 11 दिन बाद भी पुलिस पता नहीं लगा सकी है, जिससे परिवार वालों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। परेशान हाल परिवार वालों ने पुलिस की सुस्ती से तंग आकर सोमवार को एसपी से गुहार लगाते हुए मामले की एसटीएफ, क्राइम ब्रांच से जांच कराने की मांग की है।
एक जनवरी 2016 की शाम करीब पांच बजे छाउछ निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र वर्मा उर्फ जीतू हरगांव जाने की बात कहकर अपनी कार से निकला था। इसके बाद दूसरे दिन उसकी कार हरगांव में मिल के पास से बरामद हुई थी, जिसमें उसका मोबाइल भी मिला। इसके बाद मामले की गुमशुदगी हरगांव थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद सात जनवरी को परिवार वालों ने सदर कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।
अब तक पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसकी आखिरी लोकेशन बसैगापुर के पास ट्रेस की है, जिसके बाद की लोकेशन पुलिस पता नहीं लगा सकी है। वादी एवं अपहृत युवक के भाई सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि एक जनवरी को करीब सवा छह बजे उसने अपनी पत्नी से बात की थी, जिसमें उसके साथ कुछ और लोगों की बातचीत सुनाई दी थी। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच एलआरपी चौकी इंचार्ज को सौपी गई है। संदेह के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की गई है, लेकिन अभी कोई महत्वपूर्ण क्लू हाथ नहीं लगा है।