हरियाणा पुलिस ने डेरामुखी से संबंधित सभी मामलों की जांच के लिए (स्पेशल इन्वस्टीगेशन टीम) एसआईटी का गठन कर दिया है। यह एसआईटी डेरामुखी से लेकर इस मामले में दर्ज हुए अब तक के सभी मुकदमों की जांच करेगी। फिर चाहें वह डेरा समर्थकों पर देश द्रोह मुकदमा हो या हनीप्रीत के खिलाफ जारी किया गया लुक आउट नोटिस।
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पंचकूला में हुई आगजनी की घटनाओं से लेकर सिरसा तक हुए उपद्रव की जांच यह एसआईटी करेगी। सरकार ने एसआईटी में एडीजीपी क्राइम पीके अग्रवाल की अध्यक्षता में बनाई है। वे अपनी पसंद के अन्य अधिकारियों को एसआईटी में शामिल करेंगे। जिसमें एसपी से लेकर थानेदार स्तर के कई योग्य अधिकारी होंगे।
मालूम हो कि हाईकोर्ट ने राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद प्रदेश में हुई हिंसा और इस दौरान दर्ज हुए मामलों की जांच के लिए एसआईटी के गठन के आदेश दिए हैं। एसआईटी का काम इन सभी मामलों में पुलिस की जांच की निगरानी करना होगा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि यह एसआईटी का प्रमुख एडीजीपी स्तर से कम पद का अधिकारी न हो।
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यह कहा है हाईकोर्ट ने
दर्ज सभी एफआईआर में से किसी भी एफआईआर की कैंसिलेशन रिपोर्ट हाईकोर्ट को जानकारी दिए बिना दायर नहीं होगी। एसआईटी इलाका मजिस्ट्रेट को जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी और इस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद इलाका मजिस्ट्रेट अपनी रिपोर्ट कोर्ट मे पेश करेंगे।