पुलिस ने जब शव की जांच की तो पता चला कि गले पर बाईं तरफ से गला दबाने के निशान थे। जांच में सामने आया कि रेणु बाएं हाथ से काम करती है। वहीं अंश की छोटी बहन ने बताया कि छह तारीख को घर आने के बाद अंश बाहर गया ही नहीं था। उसके अलावा गेहूं की बोरी में शव मिलने के बाद पुलिस ने इलाके के डिपो से जानकारी हासिल की।
पता चला कि अंश का परिवार पांच बोरी गेहूं ले गया था। चार बोरी घर में पड़ी थी और एक बोरी में शव था। इसके बाद स्पष्ट हो गया कि हत्या किसी घर वाले ने की है। जब पुलिस ने आरोपी युवती से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया। सूत्रों के अनुसार रेणु मानसिक तौर पर परेशान भी रहती है। उसका इलाज भी चल रहा है। जब पूछताछ की गई थी तो आरोपी युवती बार-बार अपने पिता को बोल रही थी कि उसे माफ कर दो उसे भाई की हत्या करते वक्त बिल्कुल भी तरस नहीं आया।
सवाल अनसुलझे
इस मामले में पुलिस सच बोल रही है या फिर सिविल अस्पताल के डॉक्टर। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बच्चे के साथ कुकर्म की वारदात हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि बच्चे के साथ कोई कुकर्म नहीं हुआ है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कैसे आया।